MP News: अशोकनगर। मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के मुंगावली क्षेत्र में रेत से भरे दो डंपरों के कारण पूर्व सांसद एवं राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष केपी यादव का सामना कथित अवैध रेत खनन के मामले से हो गया। जानकारी के मुताबिक, डंपरों ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक करते हुए कट मारा। इसके बाद जब उन्होंने डंपरों को रुकवाकर पूछताछ की, तो रेत के बेतवा नदी से लाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद केपी यादव सीधे निशई घाट पहुंच गए।
निशई घाट पर मशीनों और डंपरों की मौजूदगी
बताया गया कि डंपर चालकों से मिली जानकारी के बाद केपी यादव बेतवा नदी के निशई घाट पहुंचे। वहां नदी से रेत निकालने का काम चल रहा था। मौके पर जेसीबी जैसी भारी मशीनें, डंपर और नावें मौजूद थीं। आरोप है कि इनका इस्तेमाल नदी से रेत निकालने और परिवहन करने में किया जा रहा था।मौके की स्थिति देखने के बाद केपी यादव ने तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। बताया जा रहा है कि वे करीब पांच घंटे तक घाट पर मौजूद रहे और कार्रवाई की मांग करते रहे।
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अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
पूर्व सांसद ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कथित अवैध खनन को लेकर सवाल किए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए प्रशासन को जानकारी दे दी है। अब कार्रवाई करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।केपी यादव ने यह भी सवाल उठाया कि यदि घाट पर इस तरह की गतिविधियां चल रही थीं, तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि वह पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंचाएंगे। उनका कहना था कि ऐसी गतिविधियों से सरकार की छवि प्रभावित होती है।
मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमला
मामले की सूचना मिलने के बाद मुंगावली एसडीएम बृज बिहारी लाल श्रीवास्तव, खनिज विभाग के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। करीब पांच घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई।अब इस मामले में प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि मौके पर मिले वाहनों और मशीनों के संबंध में क्या कार्रवाई की जाती है और कथित अवैध खनन में कौन-कौन शामिल था।