Thursday, September 3, 2026
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Nagarnar NMDC Transport Dispute: एनएमडीसी स्टील प्लांट में परिवहन पर विवाद, जय झाड़ेश्वर समिति ने 250 ट्रकों को निकाला

जगदलपुर। Nishaanebaz.com-Nagarnar NMDC Transport Dispute: बस्तर जिले के नगरनार में स्थित एनएमडीसी (NMDC) स्टील प्लांट में उत्पादन शुरू होने के साथ ही माल ढुलाई और परिवहन कारोबार में एकाधिकार (Monopoly) स्थापित करने का विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की तमाम मध्यस्थताओं व प्रयासों के बावजूद परिवहन संस्थाएं अधिक मुनाफे और वर्चस्व को लेकर आपस में उलझती नजर आ रही हैं। ताजा मामले में स्थानीय भू-प्रभावितों की संस्था ‘जय झाड़ेश्वर समिति’ ने शहरी क्षेत्र से जुड़ी होने का हवाला देते हुए करीब 250 ट्रकों को समिति से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

नगरनार स्टील प्लांट से उत्पादित माल को निजी कंपनियों और देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने के परिवहन ठेके में प्राथमिकता पाने को लेकर आए दिन कई गुट आमने-सामने आ रहे हैं। इनमें से कई समूहों को स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण हासिल है, तो कई गुट स्थानीय भू-प्रभावितों की शत-प्रतिशत भागीदारी की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

पक्ष / संगठन (Group / Union) मुख्य रुख व दावा (Main Stand / Claim) वर्तमान स्थिति (Current Situation)
जय झाड़ेश्वर समिति (भू-प्रभावितों की संस्था) स्थानीय ग्रामीणों को प्राथमिकता; व्यवस्था बनाने 250 शहरी ट्रकों को हटाया। काम बढ़ने पर सदस्यता में वापस लेने का दिया आश्वासन।
बस्तर परिवहन संघ (पुराना ट्रांसपोर्टर संघ) समिति पर मनमानी और दबाव बनाकर एकाधिकार जमाने का लगाया आरोप। चुनिंदा ट्रक मालिकों को बाहर किए जाने पर दर्ज कराई आपत्ति।
प्रशासन व उद्योग (Administration & NMDC) बार-बार के चक्काजाम व विरोध प्रदर्शन से सामान्य परिवहन प्रभावित। शांति व्यवस्था व सुचारू परिवहन बहाल करने में जुटी पुलिस।

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ट्रकों को बाहर किए जाने के बाद जय झाड़ेश्वर समिति के संचालकों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने और वास्तविक प्रभावितों को काम दिलाने के लिए की गई है। जैसे-जैसे प्लांट में परिवहन कार्य की उपलब्धता बढ़ेगी, बाहर किए गए ट्रक मालिकों को पुनः सदस्यता देकर काम में शामिल कर लिया जाएगा।

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NMDC स्टील प्लांट में परिवहन को लेकर विवाद, 250 ट्रकों को बाहर करने पर परिवहन संघों में तनातनीवहीं दूसरी ओर, बस्तर में वर्षों से परिवहन कारोबार से जुड़ी प्रमुख संस्था ‘बस्तर परिवहन संघ’ ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संघ का आरोप है कि जय झाड़ेश्वर समिति बिना किसी कानूनी अधिकार के मनमाने तरीके से काम कर रही है और दबाव बनाकर परिवहन क्षेत्र में एकाधिकार स्थापित करने की कोशिश में है। जानबूझकर खास ट्रक संचालकों को निशाना बनाकर बाहर किया गया है।

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बस्तर में परिवहन को लेकर विवाद नया नहीं है। पूर्व में भी स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने के लिए सरकार और प्रशासन कई गाइडलाइन्स जारी कर चुके हैं। हालांकि, परिवहन संघों के बीच जारी इस तनातनी, सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम और विरोध प्रदर्शनों के कारण न केवल एनएमडीसी व माल खरीदने वाली निजी कंपनियां प्रभावित हो रही हैं, बल्कि आम राहगीरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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