बलौदाबाजार। Nishaanebaz.com-Balodabazar Deputy Director Suspended: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में प्रशासनिक अनुशासनहीनता और अमर्यादित आचरण के खिलाफ राज्य शासन ने एक बहुत बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। कलेक्ट्रेट में आयोजित महत्वपूर्ण समय-सीमा समीक्षा बैठक के दौरान कथित तौर पर आक्रोशित भाषा का प्रयोग करने और अपने से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अनुचित व्यवहार करने के मामले में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के उप संचालक बी.एल. बांधे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा इस निलंबन का आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा वाकया जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित नियमित समय-सीमा (TL) की समीक्षा बैठक के दौरान घटा। बैठक में जब विभिन्न विभागीय कामकाज की प्रगति की समीक्षा की जा रही थी, उसी दौरान उप संचालक बी.एल. बांधे से उनके विभाग से संबंधित विकास कार्यों व प्रकरणों को लेकर प्रश्न पूछे गए। आरोप है कि सवाल पूछे जाने पर उप संचालक का जवाब देने का तरीका बेहद गैर-जिम्मेदाराना और अमर्यादित था। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आक्रोशित भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद अधिकारियों ने इस गंभीर अनुशासनहीनता की शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी।
शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए आवास एवं पर्यावरण विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर की ओर से निलंबन आदेश जारी कर दिया गया। जारी आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि समीक्षा बैठक के दौरान आक्रोशित भाषा का इस्तेमाल करना और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अनुचित व्यवहार प्रदर्शित करना ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965’ का स्पष्ट उल्लंघन है। इस आचरण को प्रशासनिक नियमों के सर्वथा विपरीत मानते हुए राज्य शासन ने ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966’ के नियम 9 (1) के तहत यह कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
आदेश के अनुसार, निलंबन की इस पूरी अवधि के दौरान उप संचालक बी.एल. बांधे का मुख्यालय ‘संचालनालय, नगर और ग्राम निवेश, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर अटल नगर’ निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें मूलभूत नियम 53 के तहत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
राज्य शासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक अमले में यह कड़ा संदेश गया है कि शासकीय बैठकों में अनुशासनहीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति अमर्यादित आचरण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस निलंबन के बाद से जिला कलेक्ट्रेट व अन्य विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है।