shelter home : बड़वानी। कड़ाके की ठंड के बीच बड़वानी शहर में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। शहर की सुखविलास कॉलोनी स्थित राजा के महल के पास कई दिनों से खुले आसमान के नीचे ठिठुर रहे एक बुजुर्ग को समाजसेवी अजीत जैन और ललित जैन ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उनकी जिंदगी में नई उम्मीद जगाई है।
बुजुर्ग के खुले में सोने की सूचना मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता अजीत जैन बिना देर किए ललित जैन के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बुजुर्ग की दयनीय हालत देखी, जो ठंड में कांप रहे थे। बुजुर्ग को इस हाल में देखकर दोनों ने तुरंत उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का निर्णय लिया।
सामाजिक कार्यकर्ता अजीत जैन और ललित जैन ने मिलकर अपनी टीम के साथ इस नेक कार्य को अंजाम दिया। उन्होंने बुजुर्ग को शहर के बस स्टैंड के पीछे स्थित सरकारी ‘रेन बसेरा’ (शेल्टर होम) में सुरक्षित पहुंचाया। रेन बसेरा में बुजुर्ग के रहने और भोजन की तुरंत व्यवस्था की गई। इस सराहनीय प्रयास में स्थानीय पत्रकार आदित्य शर्मा और राहुल (छोटू) विनायक ने भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
shelter home : अजीत जैन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि रेन बसेरा में सुरक्षित रूप से ठहराने के बाद बुजुर्ग के पास मौजूद दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य उनके घर-परिवार का पता लगाना है ताकि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने समाज से भावुक अपील करते हुए कहा कि, “अगर कहीं भी ऐसे असहाय, बेसहारा या जरूरतमंद लोग दिखें, तो तुरंत इसकी जानकारी दें या स्वयं आगे आकर मदद करें। नर सेवा ही नारायण सेवा है।”
shelter home : गौरतलब है कि इन दिनों जिले में ठंड लगातार बढ़ रही है। ऐसे हालात में सड़क पर रह रहे बुजुर्गों, बच्चों या अन्य असहाय लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना नितांत आवश्यक है। बड़वानी के इन जागरूक युवाओं ने समाज को प्रेरित करने वाला एक सराहनीय प्रयास किया है और यह साबित किया है कि ‘मदद ही सबसे बड़ा धर्म है’। उनकी इस पहल ने मानवता की एक नई मिसाल पेश की है।











