Indigo Crisis : फ्लाइटें रद्द, सपने भी रद्द! ICU में दादी… एयरपोर्ट पर रोती लड़की की कहानी ने तोड़ा देश का दिल

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एयरपोर्ट पर रो पड़ी युवती

अहमदाबाद: हवा में सन्नाटा था, पर एयरपोर्ट के अंदर दर्द का शोर। सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को एक ऐसा दृश्य दिखा, जिसे देखकर कोई भी पत्थर दिल नहीं रह सकता था।एक युवती—थकी हुई, टूटी हुई, और पूरी तरह असहाय—इंडिगो काउंटर के सामने खड़ी थी। उसकी आंखें बार-बार डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर जातीं, फिर नीचे गिर जातीं। हर बार स्क्रीन पर वही संदेश—“Flight Cancelled.”
पहला दिन, दूसरा दिन, तीसरा दिन… अब पांचवां दिन हो चुका था।

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और अंत में वह टूट गई
वह लड़खड़ाते कदमों से पास की कुर्सी तक पहुंची और वहीं सिर झुकाकर रोने लगी।बिलखना जैसे उसके शरीर से सारी ताकत निकाल रहा था।उसके पास बैठे एक बुजुर्ग यात्री ने धीरे से पूछा—“बेटा, कोई घर पर इंतजार कर रहा है?”लड़की ने सिर हिलाया, लेकिन बोल न पाई।कुछ सेकंड बाद टूटी हुई आवाज आई—“दादी ICU में हैं… शायद आखिरी बार देख भी न पाऊं…”

बाद में पता चला कि वह तीन दिनों से लगातार एयरपोर्ट आ-जा रही थी। हर बार उसकी फ्लाइट रद्द हो जाती।दादी की हालत बिगड़ती जा रही थी—और वह यहां, एक बेबस दर्शक की तरह फंसी हुई थी।

एयरपोर्ट पर मौजूद हर आंख भर आई…
इंडिगो संकट से पैदा हुए अफरातफरी के माहौल में यह दृश्य सिर्फ एक लड़की का दर्द नहीं था; यह उन हजारों चेहरों का प्रतिनिधि था जो पिछले पांच दिनों से अपनी मंजिल तक पहुंचने की कोशिश में टूटते जा रहे हैं।

कोई अपनी बहन की शादी में नहीं पहुंच पाया।किसी को अपने बच्चे का जन्म देखने का मौका चूक गया।और कुछ लोग अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार तक में शामिल नहीं हो सके।हर व्यक्ति के पास अपनी-अपनी त्रासदी थी—और हर त्रासदी उतनी ही भारी।

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अहमदाबाद में 19 फ्लाइटें रद्द

लेकिन इससे भी बड़ी रद्द हो गई थीं लोगों की उम्मीदें, शनिवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 19 फ्लाइटें रद्द रहीं।काउंटरों पर लंबी कतारें थीं, पर जवाब किसी के पास नहीं।एक बूढ़ी महिला बार-बार स्टाफ से पूछ रही थीं—
“बेटा, मैं अकेली हूं… मुझे भोपाल जाना है… कब जाएगी मेरी फ्लाइट?”स्टाफ की मजबूर निगाहें बता रही थीं कि वह भी नहीं जानते।एक युवक ने गुस्से में टिकट फाड़ते हुए कहा—“चार दिन से फंसा हूं… कंपनी में मेरी नौकरी चली जाएगी!”पर उस लड़की का रोना सबसे ज्यादा गूंज रहा था।

  • देशभर में 400+ फ्लाइटें रद्द—हर एयरपोर्ट एक दर्द की कहानी
  • दिल्ली
  • 86 फ्लाइटें प्रभावित
  • मुंबई
  • 109 फ्लाइटें रद्द/विलंबित
  • बेंगलुरु
  • 50 से ज्यादा उड़ानें ठप
  • हैदराबाद
  • 69 फ्लाइटें प्रभावित
  • पुणे
  • 42 उड़ानें रद्द
  • चेन्नई
  • 30 के करीब फ्लाइटें रद्द

हर शहर में, हर गेट के बाहर वही दृश्य—थके चेहरों की कतार, खोई हुई उम्मीदें, और बढ़ती बेचैनी।

एक लड़की की रुलाई ने सवाल खड़े कर दिए…
क्या देश का एविएशन सिस्टम यात्रियों के दर्द के प्रति इतना असंवेदनशील हो चुका है?क्या यात्रियों की भावनाओं की कोई कीमत नहीं?और क्या एयरलाइंस इतने बड़े संकट के लिए जिम्मेदार नहीं?

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