Slaughter House Case Bhopal : भोपाल। राजधानी के बहुचर्चित स्लॉटर हाउस प्रकरण में एक माह बीत जाने के बाद भी ठोस कार्रवाई न होने पर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश महासचिव अमित शर्मा के नेतृत्व में हबीबगंज थाने पहुंचकर एसआईटी (SIT) प्रमुख से मुलाकात की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि गंभीर साक्ष्य सामने होने के बावजूद जांच की गति बेहद धीमी है, जो जांच टीम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाती है।
प्रतिनिधिमंडल ने एसआईटी को महत्वपूर्ण दस्तावेज और तथ्य सौंपते हुए कहा कि स्लॉटर हाउस में गो-हत्या और नियमों के खुले उल्लंघन की घटनाएं सामने आई हैं। यह न केवल संवैधानिक प्रावधानों के विरुद्ध है, बल्कि सामाजिक मूल्यों पर भी प्रहार है। कांग्रेस का आरोप है कि अब तक की जांच में केवल जमीनी स्तर के कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि इस पूरे मामले के मुख्य सूत्रधारों तक हाथ नहीं डाला गया है।
अमित शर्मा ने चर्चा के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि इस कांड में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और महापौर की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि जांच का दायरा बढ़ाकर महापौर और संबंधित अधिकारियों की प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाए और उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जांच एजेंसियां केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित रहकर सत्ता से जुड़े लोगों को संरक्षण देती रहीं, तो इसे न्याय के साथ धोखा माना जाएगा। पार्टी ने साफ किया है कि वह जनभावनाओं के साथ खड़ी है। यदि आगामी दिनों में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित नहीं की गई, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।













