Singrauli News : वाहन चेकिंग का किया विरोध तो होगी एफआईआर

0
138

Singrauli News: सिंगरौली। जिले में अवैध परिवहन, ट्रांसपोर्ट टैक्स चोरी एवं ओवरलोडिंग के विरुद्ध संचालित प्रवर्तन अभियानों के बीच परिवहन विभाग ने अब कठोर रुख अपना लिया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि हाईवे अथवा किसी भी सार्वजनिक मार्ग पर वाहन चेकिंग के दौरान विरोध, हंगामा, हमला अथवा शासकीय कार्य में बाधा डालने की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सीधे FIR दर्ज की जाएगी तथा गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। विभाग का मानना है कि कानून के पालन में सहयोग से ही अवैध परिवहन नेटवर्क पर प्रभावी शिकंजा लगाया जा सकता है तथा शासन को वैधानिक रूप से शासकीय राजस्व की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सकती है। यह निर्णय सिंगरौली जिले में फ्लाइंग स्क्वाड के विरुद्ध सामने आई लगातार विरोध, दबाव एवं अव्यवस्था की घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए लिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब “समझाइश की नीति को समाप्त कर, सीधी और वैधानिक कार्रवाई” को प्राथमिकता दी जाएगी।

बिना ट्रांसपोर्ट टैक्स चुकाए संचालित हो रहे वाहन
खोजी पड़ताल में यह तथ्य उजागर हुआ है कि सिंगरौली जिले के कई प्रमुख मार्गों पर— बिना ट्रांसपोर्ट टैक्स चुकाए वाहन संचालित हो रहे हैं, ओवरलोड एवं ओवरस्पीड मालवाहक वाहन बेख़ौफ़ दौड़ रहे हैं बिना परमिट एवं बिना फिटनेस वाहनों का संचालन जारी है, कोयला, राखड़ एवं खनिज परिवहन में नियमों की खुली अवहेलना की जा रही है।

क्या टैक्स चोरी का केंद्र बनता जा रहा है सिंगरौली?
जाँच में यह भी संकेत मिले हैं कि जिले में ट्रांसपोर्ट टैक्स चोरी का एक संगठित पैटर्न उभर रहा है। इसके परिणामस्वरूप—शासन को लाखों–करोड़ों रुपये के राजस्व की क्षति, तथा नियमों का पालन करने वाले वाहन संचालकों को अनुचित प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय स्तर पर इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जाँच की तैयारी की जा रही है।

संसाधन सीमित, लेकिन संकल्प मज़बूत
यद्यपि परिवहन विभाग के पास मानव संसाधनों की सीमित उपलब्धता है, इसके बावजूद— विशेष फ्लाइंग स्क्वाड सक्रिय किए गए हैं, संवेदनशील मार्गों पर अचानक एवं सघन चेकिंग बढ़ाई गई है, आवश्यकता पड़ने पर पुलिस प्रशासन का सहयोग लिया जा रहा है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि अब किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सड़क सुरक्षा पर स्पष्ट फोकस
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य केवल चालान या दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि— सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाना,
अवैध एवं ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण स्थापित करना, तथा वैधानिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। इसी क्रम में वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट-फिटनेस, टैक्स संग्रह एवं प्रवर्तन कार्रवाई निरंतर की जा रही है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here