Singrauli News : सिंगरौली : सिंगरौली नगर पालिका निगम सिंगरौली एक ओर जहां जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है। ताजा मामला वार्ड क्रमांक 20 से सामने आया है, जहां वार्ड प्रभारी नवल किशोर पर तानाशाही रवैया अपनाने और आम नागरिकों को परेशान करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
Singrauli News : स्थानीय लोगों का कहना है कि एक मामूली “क्वार्टर शराब” के नाम पर बार-बार पैसों की मांग की जाती है और जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक संबंधित कार्य को जानबूझकर लंबित रखा जाता है। इससे आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
Singrauli News : छोटे काम के लिए बड़ी परेशानी
Singrauli News : पीड़ितों ने बताया कि समग्र आईडी में नाम सुधार जैसे साधारण कार्यों के लिए भी उन्हें कई दिनों तक भटकना पड़ रहा है। आरोप है कि वार्ड प्रभारी कभी कार्यालय में नहीं मिलते, तो कभी लोगों को सड़क पर बुलाकर कथित रूप से पैसों की मांग करते हैं। इससे यह संदेह और गहरा हो रहा है कि आम जनता की समस्याओं को “ऊपरी कमाई” का जरिया बना लिया गया है।
Singrauli News : इन सभी मामलों पर जनता ने अपने वार्ड पार्षदों पर भी नाराजगी जताई यहां पर जनता ने आरोप लगाया है कि जिस प्रकार से पार्षदों ने हम लोगों के घर जाकर उम्मीदें जगाई थी और वादा किए थे कि आपकी समस्या हमारी समस्या और आपके समाधान के लिए हम हमेशा तत्पर रहेंगे लेकिन अब तो साफ तौर से देखने को मिलता है कि यह पार्षद कुछ कमीशन के चक्कर में नगर निगम के दफ्तरों में फाइल लेकर इस दफ्तर से उस दफ्तर में भटकते हुए नजर आ जाते हैं जिससे सांफ़ जाहिर होता है कि इन पार्षदों ने अपनी कमाई के लिए गुणगान गाने का कार्य शुरू कर दिए हैं अब इन्हें जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं
Singrauli News : कार्यालय से अनुपस्थित, सड़क पर “डिमांड”
Singrauli News : लोगों का कहना है कि वार्ड प्रभारी का अधिकांश समय कार्यालय के बजाय बाहर बीतता है, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई मामलों में शिकायतें सामने आई हैं कि आवेदकों को सीधे तौर पर रकम देने के लिए दबाव बनाया जाता है, अन्यथा उनके काम को लटकाए रखा जाता है।
Singrauli News : जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं इस पूरे मामले ने नगर निगम के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम की महापौर रानी अग्रवाल द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत के लिए जारी किए गए संपर्क नंबर पर लोगों का कहना है कि न तो कॉल लगती है और न ही कोई कार्रवाई होती दिखती है।
Singrauli News : वहीं, निगम अध्यक्ष देवेश पांडे और आयुक्त सविता प्रधान से भी लोगों को काफी उम्मीदें रहती हैं, लेकिन अब तक इस तरह की शिकायतों पर ठोस कार्रवाई न होने से जनता में निराशा बढ़ती जा रही है।
“संरक्षण” की चर्चाएं भी तेज
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि कुछ वार्ड प्रभारी जनप्रतिनिधियों के गुड़गान गाने के चलते कार्रवाई से बच जाते हैं। लोगों का आरोप है कि छोटे कर्मचारियों के लिए भी सिफारिशें हो जाती हैं, लेकिन आम जनता की समस्याओं को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती।
जनता का आक्रोश बढ़ा
Singrauli News : लगातार हो रही परेशानियों के चलते अब जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों ने साफ कहा है कि यदि जल्द ही इस तरह के रवैये पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे मजबूर होकर बड़े स्तर पर शिकायत और आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
Singrauli News : अब नजर कार्रवाई पर
Singrauli News : सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नगर निगम प्रशासन, महापौर, अध्यक्ष, आयुक्त, विधायक और सांसद इस मामले में संज्ञान लेकर संबंधित वार्ड प्रभारी पर सख्त कार्रवाई करेंगे, या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।











