Singrauli News : सिंगरौली मध्य प्रदेश : सिंगरौली मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में खाद वितरण को लेकर एक बार फिर से बड़ी लापरवाही और अव्यवस्था सामने आई है। जिला कलेक्टर द्वारा पूर्व में जारी वीडियो बयान में साफ कहा गया था कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है, लेकिन कचनी खाद समिति की तस्वीरें प्रशासनिक दावों की पोल खोल रही हैं।
Singrauli News : सोमवार को कचनी स्थित सहकारी समिति में खाद वितरण के दौरान हजारों की संख्या में किसान सुबह से ही खाद लेने के लिए पहुंचे। कई किसान तो भोर तीन बजे से ही लाइन में लग गए थे, लेकिन दोपहर तक भी उनका नंबर नहीं आया। किसान मायूस और नाराज दिखे। उनका कहना है कि खाद की भारी जरूरत के बावजूद उन्हें घंटों कतारों में खड़े रहना पड़ रहा है, और कई बार तो पूरी दिनभर की मशक्कत के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ता है। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि मौके पर एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी स्वयं मौजूद रहे, इसके बावजूद इसके भीड़ और अफरातफरी पर काबू नहीं पाया जा सका। किसानों को लाइन में लगाने और व्यवस्था बनाने के बजाय जिम्मेदार अधिकारी खुद खड़े होकर बंटवारे की प्रक्रिया को देखते रहे, लेकिन कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया।
Singrauli News : किसानों की परेशानी
Singrauli News : किसानों का कहना है कि यह समय फसल की तैयारी का है और अगर समय पर खाद नहीं मिली तो सीधी तरह से पैदावार प्रभावित होगी। “हम लोग गांव से कई किलोमीटर पैदल और ट्रैक्टर से आकर यहां लाइन में खड़े हैं, सुबह से भूखे-प्यासे इंतजार कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं है,” एक किसान ने नाराजगी जताई कहा कि कलेक्टर का दावा है कि जिले में खाद का पर्याप्त भंडार है और किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। मगर कचनी समिति का दृश्य प्रशासन के इन बयानों को झुठलाता हुआ नजर आया। अव्यवस्थित वितरण, धीमी प्रक्रिया और सीमित मात्रा के चलते किसान घंटों की मशक्कत के बाद भी निराश हो रहे हैं।
Singrauli News : खाद वितरण केंद्र पर इतनी भीड़ उमड़ी कि सड़कों पर लंबी कतारें लग गईं। कई महिलाएं व बुजुर्ग किसान भी धूप में घंटों लाइन में खड़े नजर आए। इस बीच धक्का-मुक्की और बहस की स्थिति भी बनी। हालांकि पुलिस बल मौजूद रहा, लेकिन हालात बेकाबू होने से बचाने तक ही सीमित रहा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद वितरण की व्यवस्था पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से की जाए। समिति में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए और टोकन सिस्टम या गांववार वितरण की पुख्ता व्यवस्था बने, जिससे भीड़ व अव्यवस्था पर रोक लगे।











