सिंगरौली | सिंगरौली जिले में खजूरी नदी से अवैध रेत खनन और परिवहन का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला प्रशासन और खनिज विभाग के दावों के बावजूद रेत माफियाओं का धंधा खुलेआम जारी है। रात से लेकर सुबह तक ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट ने स्थानीय लोगों की नींद हराम कर दी है, जबकि जिम्मेदार विभाग और पुलिस प्रशासन सक्रियता दिखाने में नाकाम हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, खजूरी नदी क्षेत्र से रोजाना बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों में रेत भरी जा रही है। ये ट्रैक्टर सिंगरौली के हिरवाह होते हुए मुख्यालय की ओर बेखौफ दौड़ रहे हैं। रास्ते में बिखरी रेत के कारण सड़कों और गलियों में आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।
Read More : MP News : सीहोर : सप्तशक्ति संगम – राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति का आह्वान
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो माफियाओं को स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग का संरक्षण प्राप्त हो। अवैध रेत परिवहन में लगे वाहन न तो रजिस्ट्रेशन नंबर का पालन कर रहे हैं और न ही इनकी कोई जांच हो रही है।
जिला खनिज अधिकारी और पुलिस प्रशासन बार-बार दावा करते रहे हैं कि जिले में अवैध खनन पर पूरी रोक है, लेकिन खजूरी नदी क्षेत्र की स्थिति इसके दावों की पोल खोल रही है। न तो रेत के उठाव पर नियंत्रण है और न ही रात के समय बिना अनुमति चलने वाले ट्रैक्टरों पर रोक।
Read More : MP News : सीहोर : किसान अधिकार ट्रैक्टर यात्रा ने कलेक्ट्रेट तक बढ़ाया कदम, मुआवजे की मांग जताई
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों पर मामला दर्ज कर ट्रैक्टर जब्त किए जाएँ और रेत माफियाओं को संरक्षण देने वाले तंत्र पर भी कार्रवाई हो। चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन ने जल्दी कदम नहीं उठाया तो वे सामूहिक आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
स्थानीय ग्रामीण : “रात-दिन ट्रैक्टरों की आवाज़ से नींद उचटती है, प्रशासन अभी तक निष्क्रिय है।”
अमित शर्मा, व्यापारी: “रेत माफिया खुलेआम काम कर रहे हैं, कानून कहां है?”













