निशानेबाज न्यूज़ डेस्क छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मस्थान शिवनेरी किला पर शिवजयंती के पावन अवसर पर गुरुवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महाराष्ट्र के पुणे जिले के जुन्नर क्षेत्र स्थित इस ऐतिहासिक स्थल पर रात से ही युवाओं, सामाजिक संगठनों और शिवभक्तों की भीड़ जमा होने लगी थी। बढ़ती भीड़ के कारण किला परिसर में आवाजाही कठिन हो गई और कुछ समय के लिए हालात नियंत्रण से बाहर होते दिखाई दिए।
संकरे मार्गों पर बढ़ा दबाव, बिगड़ी स्थिति
किले के भीतर मौजूद हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा जैसे संकरे रास्तों पर अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। सीमित जगह में एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के आगे बढ़ने की कोशिश से धक्का-मुक्की शुरू हो गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि समय रहते स्थिति संभाल ली गई और बड़ा हादसा टल गया।
महिलाओं और बच्चों को ज्यादा नुकसान
इस अव्यवस्था के दौरान सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और छोटे बच्चों को हुई। धक्का-मुक्की में कई लोग गिर पड़े और घायल हो गए। घायलों को तुरंत जुन्नर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।
प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की तैयारियों को लेकर गंभीर प्रश्न उठने लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भारी भीड़ को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और सुनियोजित एंट्री-एग्जिट प्रबंधन की व्यवस्था नहीं की गई थी।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।













