minor rape : शाजापुर (म.प्र.)। शाजापुर में नाबालिग से दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी दीपक मेवाड़ा को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह कठोर दंड शनिवार दोपहर करीब 3 बजे सुनाया गया।
minor rape : पेट दर्द के बहाने किया अपहरण
जिला मीडिया सेल प्रभारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी दीपक मेवाड़ा शाजापुर जिले के सलसलाई थाना क्षेत्र के ग्राम कौशलपुर कोहड़िया का निवासी है। 7 फरवरी 2024 को पीड़िता की मां ने अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने गांव के ही युवक दीपक पर बहला-फुसलाकर ले जाने का संदेह व्यक्त किया था।
minor rape : पुलिस जांच में सामने आया कि दीपक ने पीड़िता को पेट दर्द के इलाज का बहाना बनाकर घर से बाहर बुलाया और उसका अपहरण कर लिया। बाद में पीड़िता को गुजरात के राजकोट से आरोपी के कब्जे से बरामद किया गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने नाबालिग को अपनी पत्नी की तरह रखकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई।
minor rape : कोर्ट ने सुनाई कठोर सजा
न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी दीपक मेवाड़ा को दोषी पाया और विभिन्न धाराओं में कठोर दंड दिया:
- मुख्य सजा: कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट और भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (3) के तहत 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और ₹1000-₹1000 के अर्थदंड से दंडित किया।
- अन्य सजाएँ: धारा 376(2)(एन), 376(2)(एफ), 363, और 366(ए) के तहत भी आरोपी को 5 से 10 वर्ष तक के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी प्रदीप कुमार भटेले ने की। न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाते हुए पीड़िता के पुनर्वास के लिए प्रतिकर (Compensation) दिलाने की भी अनुशंसा की है। इस फैसले से न्याय की जीत हुई है और समाज में एक कड़ा संदेश गया है।













