निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में एक नाबालिग बालिका के अपहरण का मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। 7 अप्रैल 2026 को सुनेरा थाना क्षेत्र से बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ग्राम मझानिया निवासी आरोपी कान्हा उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था।
गंभीरता से दर्ज हुआ मामला
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत अपराध दर्ज किया। बच्ची की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधीक्षक ने मामले को हाई-प्रोफाइल मानते हुए विशेष निर्देश जारी किए।
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आरोपी पर इनाम और टीम गठित
पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 5000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई। इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसकी कमान सुनेरा थाना प्रभारी उप निरीक्षक अंकित मुकाती को सौंपी गई।
MP से राजस्थान तक चला सर्च ऑपरेशन
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की सूचना के आधार पर मध्यप्रदेश के गुना और राजस्थान के कई इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। लगातार दबिश और रणनीतिक घेराबंदी के चलते आरोपी की लोकेशन ट्रैक की गई।
48 घंटे में सफलता
लगातार प्रयासों के बाद 10 अप्रैल 2026 को पुलिस ने आरोपी कान्हा को पकड़ लिया और उसके कब्जे से नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
टीमवर्क बना सफलता की कुंजी
इस ऑपरेशन में थाना प्रभारी अंकित मुकाती के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बेहतरीन समन्वय दिखाया। टीम के अन्य सदस्य और साइबर सेल प्रभारी विकास तिवारी की तकनीकी सहायता इस सफलता में निर्णायक साबित हुई।
पुलिस का स्पष्ट संदेश
शाजापुर पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराधियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।











