Friday, August 28, 2026
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Raipur Crime :AIIMS डॉक्टर बनकर करोड़ों की ठगी की साजिश नाकाम, अंतरराज्यीय ठग रायपुर से गिरफ्तार

Raipur Crime
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Raipur Crime :रायपुर : रायपुर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय बैंक ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को AIIMS का डॉक्टर बताकर करोड़ों की ठगी की साजिश रच रहा था। यह कार्रवाई थाना कबीर नगर पुलिस द्वारा सक्रिय पुलिसिंग के तहत की गई, जिसमें ओडिशा के कटक निवासी 32 वर्षीय आरोपी श्रीधर राउत को गिरफ्तार किया गया। आरोपी पिछले करीब सात महीनों से रायपुर के अविनाश आशियाना कॉलोनी में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था और बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी की तैयारी में जुटा था।

Raipur Crime :जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों और बैंक अधिकारियों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा था। वह खुद को AIIMS का डॉक्टर बताकर अपनी विश्वसनीयता बढ़ाता था, ताकि बैंक से बड़े लोन आसानी से हासिल कर सके। उसकी योजना करोड़ों रुपए के लोन लेकर फरार होने की थी, जिसमें जमीन खरीद और लग्जरी वाहन जैसे फॉर्च्यूनर के लिए भी ऋण लेने की तैयारी शामिल थी। इसके अलावा, वह आसपास के लोगों को भी झूठी पहचान बताकर उनसे पैसे ऐंठने की फिराक में था।

Raipur Crime :पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी मेडिकल छात्रों को वीजा दिलाने का झांसा देकर उनके पासपोर्ट हड़प चुका है। वह अलग-अलग नामों जैसे आदित्य मिश्रा, आदित्य अग्निहोत्री और डॉ. सिद्धार्थ का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छुपाता था। उसकी यही रणनीति थी कि अगर किसी जगह शक हो जाए तो तुरंत नई पहचान के साथ दूसरी जगह सक्रिय हो जाए।

Raipur Crime :इस पूरे मामले की खास बात यह है कि पुलिस ने यह कार्रवाई किसी शिकायत या ठगी होने के बाद नहीं, बल्कि पहले ही सक्रिय होकर की। पुलिस की सतर्कता और खुफिया तंत्र की मदद से इस बड़े षड्यंत्र को समय रहते नाकाम कर दिया गया। इससे रायपुर के बैंकिंग सेक्टर को करोड़ों रुपए के संभावित नुकसान से बचा लिया गया।

Raipur Crime :गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इनमें कूटरचित आधार और पैन कार्ड, फर्जी सिम कार्ड, अलग-अलग नामों से संचालित बैंक खातों की पासबुक और एटीएम कार्ड, अन्य लोगों के नाम पर जारी पासपोर्ट, फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र और प्रतिष्ठित संस्थानों के नकली आईडी कार्ड शामिल हैं। इनमें AIIMS जैसे संस्थानों के नाम का दुरुपयोग भी किया गया था, जो इस ठगी की गंभीरता को दर्शाता है।

Raipur Crime :पुलिस के अनुसार, आरोपी कोई नया अपराधी नहीं है, बल्कि ओडिशा में पहले से ही कई मामलों में संलिप्त रहा है। कटक जिले में उसके खिलाफ चोरी, मारपीट, छेड़छाड़ और धोखाधड़ी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2024 में भी उस पर फर्जीवाड़ा और ठगी के गंभीर आरोप लगे थे। जेल से छूटने के बाद वह रायपुर आकर फिर से उसी पुराने पैटर्न पर अपराध की तैयारी कर रहा था।

Raipur Crime :रायपुर पुलिस ने इस मामले के जरिए आम नागरिकों और बैंकिंग संस्थानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा खुद को बड़े संस्थान या सरकारी पद से जुड़ा बताने पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। किसी भी तरह के वित्तीय लेनदेन से पहले उसकी पहचान की पूरी जांच जरूरी है। साथ ही किरायेदार या कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना भी अनिवार्य बताया गया है।

Raipur Crime :यह मामला इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि आज अपराध का स्वरूप बदल चुका है। अपराधी अब एक राज्य से दूसरे राज्य में जाकर नई पहचान के साथ योजनाबद्ध तरीके से ठगी को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस की सक्रियता और आम लोगों की जागरूकता ही इस तरह के अपराधों को रोकने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती है।

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