Shajapur Hindu Sammelan : शाजापुर जिले के मदाना मंडल स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में रविवार को इलाई माता समरस हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवशाली समागम में मदाना, तिगजपूर, सिलेपूर, खेड़ा राम खेड़ा और चौकी महाराणा सहित मदाना मंडल के सभी प्रमुख गांवों के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज में समरसता लाना और राष्ट्र निर्माण के लिए लोगों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रोफेसर मोनू ओठवाल गिडवानी ने प्रकृति और संस्कृति के आपसी संबंध पर विशेष जोर दिया। उन्होंने पीपल के वृक्ष के वैज्ञानिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार के प्रत्येक मांगलिक अवसर पर एक पौधा अवश्य लगाएं। इसके अलावा, उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी के नाते युवाओं को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया। उन्होंने अभिभावकों को सचेत किया कि बच्चों को आधुनिक मोबाइल संस्कृति के खतरों से बचाकर उन्हें उच्च संस्कार प्रदान करें।
हिंदू एकता और संगठन की शक्ति पर चर्चा करते हुए पंडित विनोद गोविंद जाने ने कहा कि समाज की रक्षा के लिए संगठन का होना अनिवार्य है। उन्होंने आह्वान किया कि राष्ट्रभक्ति के कार्यों के लिए प्रत्येक परिवार से कम से कम एक सदस्य को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या बजरंग दल जैसे राष्ट्रवादी संगठनों से जुड़ना चाहिए। पंडित जाने ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष (100 वर्ष) के उपलक्ष्य में समस्त हिंदू समाज को ऊंच-नीच का भेदभाव भुलाकर एक सूत्र में पिरोने का संकल्प दिलाया।
स्वदेशी के महत्व पर बात करते हुए मध्यक्षेत्र स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख हरिओम वर्मा ने विदेशी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट रूप से पेप्सी, कोका-कोला और कोलगेट जैसे विदेशी ब्रांडों का बहिष्कार करने की बात कही और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाकर ही हम देश की अर्थव्यवस्था और अपनी जड़ों को मजबूत कर सकते हैं।
इस सम्मेलन ने न केवल वैचारिक आदान-प्रदान का मंच प्रदान किया, बल्कि गांवों के बीच आपसी भाईचारे और समरसता को भी नई मजबूती दी। कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से हिंदू समाज की एकता और राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया। कार्यक्रम की सुचारू व्यवस्था और प्रबंधन ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया।













