SECR : बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) द्वारा रायगढ़ स्टेशन पर चौथी रेल लाइन परियोजना के तहत यार्ड मॉडिफिकेशन कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके चलते 27 अगस्त से 15 सितंबर 2025 तक 26 एक्सप्रेस और 4 पैसेंजर ट्रेनों सहित कुल 30 ट्रेनों को रद्द किया गया है। कई ट्रेनों का मार्ग बदला गया है तो कुछ को आंशिक रूप से रद्द किया गया है।
रेलवे यात्रियों को सुविधा देने की बात करती है, लेकिन हर योजना उनके लिए ‘परीक्षा की ट्रेन’ बन जाती है। सवाल उठता है कि जब काम पहले से निर्धारित था, तो वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? हर बार मुसाफ़िरों को असुविधा में डालना क्या योजनाबद्ध विकास है?
रद्द की गई एक्सप्रेस ट्रेनें:
- 18113/18114 टाटानगर-बिलासपुर (30 अगस्त–3 सितम्बर)
- 18109/18110 टाटानगर-इतवारी (3 सितम्बर)
- 20822/20821 सांतरागाछी-पुणे (30 अगस्त, 1 सितम्बर)
- 22512/22511 कामाख्या-कुर्ला (31 अगस्त, 2 सितम्बर)
- 22846/22845 हटिया-पुणे (29, 31 अगस्त, 1, 3 सितम्बर)
- 20813/20814 पूरी-जोधपुर (27, 30 अगस्त)
- 20971/20972 उदयपुर-शालीमार (30, 31 अगस्त)
- 13425/13426 मालदा-सूरत (30 अगस्त, 1 सितम्बर)
- 12905/12906 पोरबंदर-शालीमार (27–30 अगस्त)
- 17321/17322 वास्को-द-गामा-जसीडीह (29 अगस्त, 1 सितम्बर)
- 22843/22844 बिलासपुर-पटना (29, 31 अगस्त)
- 12262/12261 हावड़ा-मुंबई दुरन्तो (2–3 सितम्बर)
- 12101/12102 कुर्ला-शालीमार (29, 31 अगस्त)
रद्द की गई पैसेंजर ट्रेनें:
- 68735/68736 रायगढ़–बिलासपुर मेमू (30 अगस्त–15 सितम्बर)
- 68737/68738 रायगढ़–बिलासपुर मेमू (31 अगस्त–15 सितम्बर)
बदले मार्ग से चलने वाली ट्रेनें:
- 12222/12221 हावड़ा-पुणे दुरन्तो (30 अगस्त, 1 सितम्बर)
- 12262/12261 हावड़ा-मुंबई दुरन्तो (29 अगस्त, 31 अगस्त, 1–2 सितम्बर)
- 12101/12102 कुर्ला-शालीमार (30 अगस्त–3 सितम्बर)
→ यह ट्रेनें झारसुगुड़ा, टिटलागढ़, लाखोली, रायपुर होते हुए चलेंगी।
आंशिक रूप से रद्द/समाप्त ट्रेनें:
- 68861/62 गोंदिया–झारसुगुड़ा पैसेंजर (31 अगस्त–15 सितम्बर): बिलासपुर–झारसुगुड़ा खंड रद्द
- 12410/12409 निजामुद्दीन–रायगढ़ गोंडवाना: रायगढ़ की बजाय बिलासपुर से शुरू/समाप्त
- 12070/12069 गोंदिया–रायगढ़ जनशताब्दी: बिलासपुर में ही समाप्त/प्रारंभ
यात्री कर रहे सवाल:
रेलवे प्रशासन की इस कार्ययोजना ने रोजाना यात्रा करने वालों, नौकरी पेशा कर्मचारियों, छात्रों, मरीजों और व्यापारियों को बुरी तरह प्रभावित किया है। कोई वैकल्पिक ट्रेन, शटल सेवा, या बस सुविधा नहीं दी गई है।
क्या विकास की पटरी पर आम मुसाफ़िरों की सुविधा कुचली जा रही है? यही सवाल हर यात्री पूछ रहा है।
रेलवे बोर्ड को चाहिए कि वह यात्रा स्थगन से पहले सार्वजनिक सूचना और वैकल्पिक योजनाएं सुनिश्चित करे — वरना यात्री गुस्से का सामना करना तय है।













