Higher Education Department : सुकमा/कृष्णा नायक। उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार, सुकमा जिले के शासकीय नवीन महाविद्यालय कोंटा में 11 दिसंबर को ‘जनजाति गौरव माह–2025’ के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यशाला का मुख्य विषय ‘जनजाति समाज के गौरवशाली अतीत एवं योगदान’ रहा, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को जनजातीय संस्कृति, इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अमूल्य योगदान से परिचित कराना था।
Higher Education Department : कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि पी. विजय ने अपने उद्बोधन में बस्तर क्षेत्र के विकास में जनजातीय समाज की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “जनजातियों के विकास से ही बस्तर क्षेत्र का विकास संभव है।” मुख्य वक्ता नैनी जांगैय्या ने विद्यार्थियों को जनजातीय नायकों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और विशेष रूप से भगवान बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष और योगदान से सीख लेने का संदेश दिया।
Higher Education Department : विशिष्ट अतिथि के रूप में कोंटा के एसडीएम सुभाष शुक्ला उपस्थित रहे। एसडीएम शुक्ला ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण की महत्ता समझाई और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु प्रेरित और प्रोत्साहित किया। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने लक्ष्यों को स्पष्ट करें और उन्हें प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत और सही दिशा में प्रयास करें।
Higher Education Department : इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डी. सुरेश बाबु ने की, जिन्होंने कार्यशाला के आयोजन के महत्व और जनजातीय गौरव के संरक्षण की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला के दौरान, विद्यार्थियों द्वारा जनजातीय संस्कृति पर आधारित पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिसने कार्यक्रम में उत्साह और रंग भर दिया।
Higher Education Department : ‘जनजाति गौरव माह’ के तहत आयोजित इस कार्यशाला का सफल संचालन प्रो. दुष्यंत कुमार ने किया, और अंत में मुकेश कुमार पटेल ने उपस्थित सभी अतिथियों, वक्ताओं और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कार्यशाला न केवल जनजातीय इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी, बल्कि कोंटा क्षेत्र के युवाओं को आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित करेगी।













