Sarai Kale Khan Connectivity Hub : नई दिल्ली (22 फरवरी 2026): दिल्ली का सराय काले खां अब देश का सबसे बड़ा और आधुनिक इंटीग्रेटेड कनेक्टिविटी हब बन चुका है। रविवार को दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के विधिवत उद्घाटन के साथ ही यह स्टेशन उत्तर भारत के परिवहन की लाइफलाइन बन गया है। यहाँ एक ही परिसर में यात्रियों को मेट्रो, बस, भारतीय रेलवे, एक्सप्रेसवे और अब हाई-स्पीड रैपिड रेल की सुविधा मिलेगी।
रफ्तार के तीन कॉरिडोर का केंद्र
सराय काले खां स्टेशन नमो भारत (RRTS) के तीनों चरणों का मुख्य केंद्र होगा:
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दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर: 82 किलोमीटर का यह रूट अब पूरी तरह चालू हो गया है।
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दिल्ली-अलवर कॉरिडोर: गुरुग्राम और रेवाड़ी होते हुए राजस्थान को जोड़ेगा (काम जारी)।
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दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर: हरियाणा के करनाल और पानीपत तक सीधी पहुंच देगा (काम जारी)।
5 साधनों का बेजोड़ संगम
सराय काले खां की खासियत इसका इंटरमॉडल कनेक्टिविटी मॉडल है, जो इसे दुनिया के बेहतरीन ट्रांसपोर्ट हब्स की श्रेणी में खड़ा करता है:
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नमो भारत (RRTS): मेरठ, अलवर और पानीपत के लिए हाई-स्पीड ट्रेनें।
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दिल्ली मेट्रो: पिंक लाइन के जरिए पूरी दिल्ली से सीधा जुड़ाव।
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हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन: फुटओवर ब्रिज (FOB) के जरिए देश के व्यस्ततम रेलवे स्टेशन तक पहुंच।
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वीर सावरकर ISBT: यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के लिए सैकड़ों अंतरराज्यीय बसें।
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एक्सप्रेसवे जाल: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, रिंग रोड और डीएनडी फ्लाईवे का शुरुआती केंद्र।
आधुनिक सुविधाओं से लैस
सराय काले खां के आईएसबीटी और आरआरटीएस स्टेशन को एयरपोर्ट जैसा लुक दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए यहाँ मल्टी-लेवल पार्किंग, लिफ्ट, एस्केलेटर और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणालियाँ लगाई गई हैं। इस हब के चालू होने से दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और मेरठ से दिल्ली के बीच का सफर महज कुछ मिनटों में सिमट जाएगा।
एक नज़र में सराय काले खां हब:
| परिवहन का साधन | कनेक्टिविटी |
| नमो भारत | मेरठ, गाजियाबाद, गुरुग्राम, पानीपत |
| मेट्रो | पिंक लाइन (मजलिस पार्क – शिव विहार) |
| रेलवे | हजरत निजामुद्दीन (राजधानी, शताब्दी) |
| बस | वीर सावरकर ISBT (5+ राज्य) |
| सड़क | दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, रिंग रोड, DND |











