Sanjay Gandhi Hospital Rewa : संजय गांधी अस्पताल में ‘प्यासा बचपन’: 45 डिग्री पारे के बीच बूंद-बूंद पानी को तरसे मरीज; 5 मंजिला इमारत में केवल ग्राउंड फ्लोर पर सहारा

VIKASH KHALKHO

Sanjay Gandhi Hospital Rewa : रीवा: विंध्य क्षेत्र के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र, संजय गांधी अस्पताल में इन दिनों मरीजों और उनके परिजनों को इलाज से ज्यादा पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। शहर का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच चुका है, लेकिन इस 5 मंजिला विशाल अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। अस्पताल की ऊपरी चार मंजिलों पर पानी का कोई इंतजाम नहीं है, जिसके कारण मरीजों के अटेंडरों को भीषण गर्मी में पांचवीं मंजिल से नीचे ग्राउंड फ्लोर तक दौड़ लगानी पड़ रही है।

सिस्टम की लापरवाही, तीमारदार परेशान: अस्पताल में कुल 5 मंजिलों के बीच मात्र 2 वाटर कूलर कार्य कर रहे हैं। सबसे विकट स्थिति उन परिजनों की है जो अकेले मरीज की देखभाल कर रहे हैं; उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे बीमार स्वजन के पास रुकें या प्यास बुझाने के लिए नीचे लंबी लाइनों में लगें। आलम यह है कि लोग अपने छोटे बच्चों को पानी लाने के लिए भेज रहे हैं या अजनबियों के भरोसे मरीज को छोड़कर नीचे भाग रहे हैं। भारी-भरकम बजट के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का यह अभाव अस्पताल प्रशासन के लचर इंतजामों की पोल खोल रहा है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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