निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह द्वारा RSS और बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे की तारीफ करते हुए सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा करने के बाद पार्टी के भीतर और बाहर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बयान पर अभी प्रतिक्रियाएं थमी भी नहीं थीं कि कांग्रेस के ही एक अन्य सांसद मणिकम टैगोर का विवादित बयान सामने आ गया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तुलना आतंकी संगठन अलकायदा से कर दी।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने क्या कहा
तमिलनाडु के विरुधुनगर से कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस नफरत की राजनीति के खिलाफ है और मोहब्बत व सद्भाव की राजनीति करती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस को RSS से कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है। दिग्विजय सिंह के बयान से असहमति जताते हुए टैगोर ने कहा कि भले ही RSS और अलकायदा जैसे संगठन अत्यधिक संगठित हों, लेकिन वे ऐसे संगठनों से सीखने के पक्ष में नहीं हैं। उनका यह बयान आते ही राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
बीजेपी का तीखा विरोध
मणिकम टैगोर के बयान पर बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताया है। बीजेपी नेता नलिन कोहली ने कहा कि RSS जैसी राष्ट्रवादी संस्था की तुलना किसी जिहादी आतंकी संगठन से करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस बयान से सहमत है। नलिन कोहली ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से कांग्रेस का रुख स्पष्ट करने की मांग की।
दिग्विजय सिंह की पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पुरानी तस्वीर साझा की। तस्वीर में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत कई नेता कुर्सियों पर बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जमीन पर बैठे दिखाई देते हैं। इस फोटो के साथ दिग्विजय सिंह ने लिखा कि किस तरह RSS का एक जमीनी स्वयंसेवक जनसंघ के नेताओं के चरणों में बैठकर पहले प्रदेश का मुख्यमंत्री और फिर देश का प्रधानमंत्री बना।













