RPF constable : नई दिल्ली। ओडिशा उच्च न्यायालय ने रेलवे को निर्देश दिया है कि वह रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक कांस्टेबल की विधवा को 4 लाख रुपये का मुआवजा दे, जिसकी ड्यूटी के दौरान चलती ट्रेन की चपेट में आने से मृत्यु हो गई थी।
RPF constable : मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, 1996 में खुर्दा रोड रेलवे स्टेशन पर तैनात RPF कांस्टेबल भारी बारिश के कारण फिसल गए और चलती ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। विधवा ने रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल में मुआवजे के लिए याचिका दायर की, लेकिन इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि घटना रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 123(C) और 124-A के तहत ‘अवांछित’ नहीं थी।
RPF constable : हाईकोर्ट ने न्यायाधिकरण के इस तर्क को अमान्य करार दिया और कहा कि धारा 124-A के तहत ड्यूटी पर तैनात रेल कर्मचारी को ‘यात्री’ की श्रेणी में शामिल किया गया है। इसलिए मृतक के ड्यूटी पर होने के आधार पर विधवा को मुआवजे का हक है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायाधिकरण द्वारा मृतक की ओर से कथित लापरवाही को घटना का कारण बताना भी उचित नहीं है। इस आदेश के बाद अब RPF कांस्टेबल की विधवा को 4 लाख रुपये का मुआवजा रेलवे द्वारा दिए जाने का निर्देश मिला है।













