पटना। बिहार की राजधानी पटना में रविवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक से ठीक पहले पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी हलचल तेज कर दी है। उन्होंने पार्टी के अंदरूनी हालात को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर करते हुए RJD की स्थिति को “बदहाल” और “चिंताजनक” बताया है।
‘सच्चा लालूवादी सवाल जरूर करेगा’
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जो वास्तव में लालूवादी होगा, जिसने लालू प्रसाद यादव द्वारा हाशिए पर खड़े समाज, वंचितों और कमजोर वर्गों के लिए किए गए संघर्ष को समझा होगा, वही पार्टी की मौजूदा हालत पर सवाल उठाएगा। उन्होंने कहा कि लालू जी की विचारधारा और सामाजिक-आर्थिक न्याय की विरासत को आगे बढ़ाने की चिंता रखने वाला कोई भी व्यक्ति पार्टी की बदहाली पर चुप नहीं रह सकता।
जो सही मायनों में लालूवादी होगा, जिस किसी ने भी लालू जी के द्वारा, हाशिए पर खड़ी आबादी – वंचितों के हितों के लिए मजबूती से लड़ने वाली, खड़ी की गयी पार्टी के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष किया होगा, जिस किसी को भी लालू जी के द्वारा सामाजिक – आर्थिक न्याय के लिए किए गए सतत संघर्ष…
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 25, 2026
‘घुसपैठियों के हाथ में पार्टी की कमान’
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में पार्टी के कुछ नेताओं पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि आज जन-जन की पार्टी कही जाने वाली RJD की असली कमान ऐसे लोगों के हाथों में है, जिन्हें फासीवादी ताकतों ने साजिश के तहत भेजा है। उनका आरोप है कि ये लोग लालूवाद को कमजोर करने के मकसद से पार्टी में कब्जा जमाए बैठे हैं और अपने गंदे इरादों में काफी हद तक सफल भी दिख रहे हैं।
नेतृत्व पर सीधा सवाल
पार्टी नेतृत्व को कठघरे में खड़ा करते हुए रोहिणी आचार्य ने कहा कि जिम्मेदारी संभाल रहे लोग सवालों से भाग रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तथ्यों के साथ जवाब देने के बजाय भ्रम फैलाया जा रहा है और लालूवाद व पार्टी हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उनका कहना है कि नेतृत्व को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
चुप्पी पर भी उठाए सवाल
रोहिणी आचार्य ने यह भी कहा कि अगर नेतृत्व सवालों पर चुप्पी साधता है, तो यह साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत का संकेत माना जाएगा। उनके इस बयान को कार्यकारिणी बैठक से पहले पार्टी के अंदर बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।









