rewa News : रीवा : रीवा लोकायुक्त ने आज एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए विद्युत विभाग के कनिष्ठ जंत्री को 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया है।
rewa News : यह कार्रवाई बस कुछ ही देर पहले विद्युत विभाग के अमहिया स्थित संभागीय कार्यालय में की गई है जहां से कनिष्ठ यंत्री सहित एक प्राइवेट व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है।
rewa News : बताया जा रहा है कि कनिष्ठ यंत्री ने सोलर पैनल लगाने वाले फरियादी वेंडर से सोलर पैनल लगाने की अनुमति देने की एवज में एक प्राइवेट व्यक्ति के माध्यम से 18 हजार की रिश्वत मांगी थी।
rewa News : हालांकि फरियादी द्वारा 6 हजार की रिश्वत पूर्व में ही दी जा चुकी थी, जबकि आज 10 हजार रिश्वत लेते हुए कनिष्ठ यंत्री सहित प्राइवेट व्यक्ति को रंगे हाथों लोकायुक्त की टीम ने धर दबोचा है।
rewa News : फरियादी की माने तो कनिष्ठ यंत्री पूर्व में भी रिश्वत की मांग करते थे, लेकिन एक फाइल के एवज में दो से तीन हजार ही लिए जाते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी मांग बढ़ती गई और अब एक फाइल के एवज में 6 हजार मांगे जा रहे थे।
rewa News : इस पूरी कार्रवाई को लेकर लोकायुक्त कार्यालय रीवा संभाग के निरीक्षक ने जानकारी देते हुए बताया है कि फरियादी लकी दुबे द्वारा एक दिन पूर्व कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उसके द्वारा विद्युत विभाग के सोलर प्रभारी कनिष्ठ यंत्री किशोर त्रिपाठी से तीन अलग-अलग जगह पर सोलर पैनल लगाने के लिए अनुमति फाइल लगाई थी, जिसके एवज में किशोर त्रिपाठी द्वारा फरियादी से 6 हजार प्रति फाइल के हिसाब से कुल 18 हजार रूपतो की मांग की थी।
rewa News : बताया गया कि इस पूरे रिश्वत कांड में कनिष्ठ यंत्री ने एक प्राइवेट व्यक्ति को भी शामिल कर रखा था, जो सोलर पैनल लगाने वाला वेंडर ही बताया गया है।फिलहाल रिश्वत मांगने की उक्त शिकायत के बाद आज ट्रैप कार्रवाई को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है। बताया गया कि फरियादी ने आज जैसे ही 10 हजार की रिश्वत कनिष्ठ यात्री के कार्यालय में जाकर दी, तभी वहां पहले से मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वही कार्रवाई के दौरान कनिष्ठ यंत्री के कार्यालय में एक तीसरा संदिग्ध व्यक्ति भी मिला है जो आउटसोर्स कर्मचारी बताया जा रहा है।
rewa News : हालांकि तीसरे व्यक्ति की भूमिका इस रिश्वत कांड में क्या है यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में कनिष्ठ यंत्री किशोर त्रिपाठी सहित प्राइवेट वेंडर प्रमोद द्विवेदी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है और अब आगे की कार्रवाई की जा रही है जो फिलहाल अभी जारी है।











