निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्म ‘धुरंधर’ की सफलता को लेकर चर्चा में हैं। इसी बीच उनसे जुड़ा एक कानूनी मामला भी सुर्खियों में आ गया। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कांतारा फिल्म से जुड़े मिमिक्री विवाद में रणवीर सिंह को अंतरिम राहत प्रदान की है।
यह मामला गोवा में आयोजित 56वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के दौरान दिए गए एक प्रस्तुति से जुड़ा है। आरोप है कि इवेंट के दौरान रणवीर सिंह ने फिल्म कांतारा चैप्टर 1 में ऋषभ शेट्टी द्वारा निभाए गए किरदार की नकल की थी। इसी दौरान कथित तौर पर एक टिप्पणी की गई, जिस पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा और एफआईआर दर्ज की गई।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
रणवीर सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से कृत्य) और 302 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले शब्द) के तहत मामला दर्ज किया गया है।यह मामला कर्नाटक हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना की अदालत में पेश हुआ।
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कोर्ट की टिप्पणी और अंतरिम राहत
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि सार्वजनिक मंच पर दिए गए बयानों के प्रति जिम्मेदारी जरूरी है। न्यायाधीश ने टिप्पणी की, “आप रणवीर सिंह हों या कोई और, यह देखा जाएगा कि इसमें आपराधिक मंशा थी या नहीं। सार्वजनिक व्यक्तित्व को अपने शब्दों के प्रति सजग रहना चाहिए।”हालांकि, कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक रणवीर सिंह के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
2 मार्च को अगली सुनवाई
अदालत ने दोनों पक्षों को आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया है और मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च को तय की है। अब यह देखा जाएगा कि अदालत इस विवाद में आपराधिक मंशा के सवाल पर क्या रुख अपनाती है। Ranveer Singh Kantara Controversy Case अब कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा, जबकि अभिनेता को फिलहाल राहत मिल गई है।











