Raisen Cyber Fraud: रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में साइबर ठगों ने नौकरी की तलाश कर रहे एक बीटेक छात्र को Telegram पर Work From Home जॉब का लालच देकर 15 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पहले छोटे-छोटे भुगतान कर छात्र का विश्वास जीता और फिर सिक्योरिटी मनी, टैक्स और हाई रिटर्न का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये जमा करा लिए। मामले में पुलिस ने बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य साइबर गिरोह की तलाश जारी है।
नौकरी की तलाश में था छात्र, Telegram पर मिला ऑफर
Raisen Cyber Fraud: कोतवाली थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने बताया कि पीड़ित अनिकेत नायक बीटेक का छात्र है और नौकरी की तलाश कर रहा था। इसी दौरान 5 जून के आसपास टेलीग्राम पर एक अज्ञात व्यक्ति ने उससे संपर्क कर ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम जॉब का ऑफर दिया।शुरुआत में ठगों ने छात्र से रिज्यूम मंगवाया और ट्रायल टास्क के बदले उसके खाते में 200 से 250 रुपये भेजे। रकम मिलने के बाद छात्र को लगा कि नौकरी असली है और उसने आगे भी काम करना शुरू कर दिया।
सिक्योरिटी मनी और टैक्स के नाम पर फंसाया
Raisen Cyber Fraud: कुछ दिनों बाद साइबर ठगों ने बड़े टास्क और अधिक कमाई का लालच दिया। इसके लिए उन्होंने सिक्योरिटी डिपॉजिट, सरकारी टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराने को कहा।ठगों ने दावा किया कि सभी रकम बाद में ब्याज और बोनस के साथ वापस कर दी जाएगी। भरोसे में आए छात्र ने कई बार में करीब 15 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
भुगतान नहीं मिला तो खुली ठगी की पोल
Raisen Cyber Fraud: 9 जून तक जब छात्र को न तो कोई भुगतान मिला और न ही जमा की गई राशि वापस हुई, तब उसे अपने साथ धोखाधड़ी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने रायसेन कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने अपराध क्रमांक 377/26 दर्ज कर साइबर ठगी की जांच शुरू की।
बैंक खाते से पहुंची आरोपियों तक पुलिस
Raisen Cyber Fraud: जांच के दौरान पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन की पड़ताल की। इसमें पता चला कि ठगी की रकम में से 12,800 रुपये गैरतगंज के ग्राम पापड़ा निवासी शिवकुमार गौर के खाते में ट्रांसफर किए गए थे।पूछताछ में शिवकुमार ने बताया कि भोपाल निवासी शशांक कुशवाहा ने कमीशन का लालच देकर उसका बैंक खाता इस्तेमाल किया था। इसके बाद पुलिस ने शशांक कुशवाहा को भी गिरफ्तार कर लिया।
Telegram के जरिए चलता था साइबर नेटवर्क
Raisen Cyber Fraud: पुलिस पूछताछ में शशांक कुशवाहा ने खुलासा किया कि वह Telegram के माध्यम से जुड़े साइबर ठगों के लिए अलग-अलग लोगों के बैंक खाते उपलब्ध कराता था।इन खातों में ठगी की रकम जमा होने के बाद पैसे अन्य खातों में भेजे जाते थे और बाद में उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया जाता था। आरोपी पिछले करीब पांच महीने से इस नेटवर्क के लिए काम कर रहा था।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
Raisen Cyber Fraud: पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे साइबर नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। अब जांच का फोकस गिरोह के मास्टरमाइंड और उससे जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुंचने पर है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि Telegram, WhatsApp या सोशल मीडिया पर मिलने वाले Work From Home और पार्ट-टाइम जॉब ऑफर पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें और किसी भी अनजान खाते में पैसे ट्रांसफर करने से पहले पूरी जांच करें।







