रायपुर: रायपुर की मशहूर NIT चौपाटी को आज आमानाका शिफ्ट किया जा रहा है, लेकिन शिफ्टिंग से पहले ही बड़ा विरोध खड़ा हो गया। बीते गुरुवार रात 11 बजे से चौपाटी के व्यापारी धरने पर बैठ गए थे। उनके साथ कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे। कांग्रेस ने व्यापारियों के आंदोलन को खुला समर्थन दे दिया है।
शिफ्टिंग के खिलाफ प्रदर्शन
NIT चौपाटी की शिफ्टिंग रोकने के लिए निगम अमले को पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी सड़क पर लेट गए। व्यापारी आरोप लगा रहे हैं कि नगर निगम अचानक दुकानों को हटाने की कार्रवाई कर रहा है। उनका कहना है कि न तो पहले कोई नोटिस दिया गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था बताई गई। बिना बातचीत और तैयारी के दुकानों को हटाने से उनका व्यवसाय चौपट हो जाएगा।
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विवाद की पृष्ठभूमि
बीते 21 नवंबर को जब नगर निगम की टीम चौपाटी पहुंची और दुकानदारों को शिफ्टिंग की सूचना दी, तब से विरोध शुरू हो गया। मामला तब और जटिल हुआ जब रेलवे ने इस जमीन पर दावा करते हुए चौपाटी के 32 दुकानदारों को नोटिस भेजा।
पहले भी चौपाटी को लेकर विवाद रहा है। लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च कर इसका विकास किया गया था, जिसका विरोध पूर्व विधायक राजेश मूणत ने किया था। 2023 में भाजपा सरकार के आने के बाद चौपाटी हटाकर नालंदा-2 प्रोजेक्ट बनाने की योजना शुरू हुई थी। नवंबर 2025 में नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी और 15 नवंबर से शिफ्टिंग तय की गई।
निगम और रेलवे के बीच बातचीत
वर्तमान में नगर निगम और रेलवे के बीच बातचीत चल रही है। दोनों विभाग जमीन पर अपने-अपने दावे और योजनाओं को लेकर आमने-सामने हैं। व्यापारी चाहते हैं कि तब तक शिफ्टिंग रोकी जाए जब तक सभी पक्षों के बीच स्पष्ट समाधान न निकल आए। हालांकि खबर लिखे जाने तक शिफ्टिंग शुरू हो चुकी है।











