रायपुर : राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानें रद्द होने का संकट शनिवार को भी जारी रहा। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और इंदौर जाने वाली करीब 6 फ्लाइट्स आज फिर रद्द कर दी गईं। इसके चलते यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शुक्रवार को भी क्रू और पायलटों की भारी कमी के कारण इंडिगो ने दिल्ली की 5, मुंबई की 3, गोवा, इंदौर, कोलकाता सहित लगभग 20 उड़ानें कैंसिल की थीं। सुबह से रात तक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई जगह हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
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7 हजार से ज्यादा यात्रियों की यात्रा रद्द
फ्लाइट्स अचानक रद्द होने से 7,000 से अधिक यात्रियों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी। दिल्ली और मुंबई जाने वाले कई ऐसे यात्री थे, जिन्हें वहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़नी थी, लेकिन इंडिगो की रद्दीकरण नीति के चलते वे फंस गए।
एयरपोर्ट पर सुबह से ही तनाव का माहौल रहा। इंडिगो स्टाफ के साथ यात्रियों की बहस होती रही और कई बार हालात इतने बिगड़े कि काउंटर पर धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई।
4 घंटे से एयरपोर्ट पर रुके यात्री, न कमरे मिले, न भोजन की व्यवस्था
रायपुर से हैदराबाद और चेन्नई जाने वाले 100 से अधिक यात्री 24 घंटे से एयरपोर्ट पर रुके हुए थे। किसी भी यात्री को ना ई-मेल मिला, ना एसएमएस, ना ही कोई आधिकारिक सूचना।यात्रियों का आरोप है कि इंडिगो द्वारा न होटल रूम दिए गए और न ही भोजन की सुविधा प्रदान की गई। लोगों को पानी, चाय और नाश्ता खुद खरीदकर खाना पड़ा।
मुंबई और कोलकाता होकर विदेश जाने वाले यात्री भी फंसे हुए हैं। किसी की महत्वपूर्ण बिजनेस मीटिंग मिस हो गई तो किसी का इंटरनेशनल कनेक्शन छूट गया।यात्रियों का कहना है, “इंडिगो बार-बार ऐसा करती है, लेकिन कोई जवाबदेही नहीं है।”
यात्रियों का आरोप
गुस्साए यात्रियों ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। लोगों ने कहा कि निजी एयरलाइंस को इतनी छूट दे दी गई है कि वे मोनोपॉली जैसा व्यवहार कर रही हैं।रद्द हुई फ्लाइट्स पर इंडिगो की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। यात्रियों की मांग है कि उन्हें पूरी रिफंड राशि दी जाए और अतिरिक्त नुकसान का मुआवजा भी दिया जाए।











