Raipur Bilaspur Highway Crime : मोहम्मद याकुब/धरसींवा (23 फरवरी 2026): रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर स्थित औद्योगिक क्षेत्र सिलतरा और धरसींवा के बीच का इलाका इन दिनों असुरक्षित होता जा रहा है। यहाँ संचालित दर्जनों ढाबे अब केवल भोजन के केंद्र नहीं, बल्कि अवैध शराब परोसने के सुरक्षित ठिकाने बन चुके हैं। विशेष रूप से तिवरैया के पास स्थित ढाबों में शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है, जो देर रात तक शराब के नशे में उत्पात मचाते हैं।
मर्डर के बाद भी बेखौफ संचालक हैरानी की बात यह है कि करीब 15 दिन पहले सिलतरा के एक ढाबे में शराब के नशे में धुत उपद्रवियों ने एक युवक की निर्मम हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज वारदात के बावजूद पुलिस प्रशासन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। तिवरैया का एक चर्चित ढाबा तो अब ‘अवैध बार’ की तर्ज पर चल रहा है, जहाँ नियमों को ताक पर रखकर शराब परोसी जा रही है।
पुलिस की दोहरी नीति पर सवाल क्षेत्रीय जनता का सीधा आरोप है कि हाईवे पर गश्त करने वाली पुलिस की गाड़ियां इन ढाबों के सामने से गुजरती हैं, लेकिन उन्हें भीतर चल रहा अवैध कारोबार नजर नहीं आता। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस आम आदमी की छोटी सी चूक पर डंडा चलाती है, लेकिन रसूखदार ढाबा संचालकों के सामने नतमस्तक नजर आती है। क्या यह चुप्पी किसी ‘विशेष संरक्षण’ का नतीजा है?
राहगीरों और महिलाओं के लिए मुसीबत भारी वाहनों की आवाजाही वाले इस नेशनल हाईवे पर नशेड़ियों के जमावड़े से आम नागरिकों का निकलना दूभर हो गया है। नशे की हालत में वाहन चलाना और ढाबों के बाहर राहगीरों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी करना अब आम बात हो गई है। यह स्थिति किसी भी समय बड़ी सड़क दुर्घटना या अपराध को अंजाम दे सकती है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग स्थानीय जनता अब शासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से मांग कर रही है कि इन अवैध शराब अड्डों को तत्काल बंद कराया जाए। लोगों का कहना है कि यदि इन संदिग्ध ढाबों पर नकेल नहीं कसी गई, तो क्षेत्र की शांति पूरी तरह भंग हो जाएगी।
अधिकारी का पक्ष:
“हाईवे के ढाबों में अवैध गतिविधियों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस द्वारा समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाया जाता है। यदि कहीं भी अवैध रूप से शराब परोसने या असामाजिक तत्वों के जमावड़े की पुष्टि होती है, तो संबंधित ढाबा संचालकों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।” — राजेंद्र दीवान, थाना प्रभारी, धरसींवा













