Excise Raid CG: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के कुशल दिशा-निर्देशन में संपूर्ण रायगढ़ जिले में अवैध नशे और मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना चक्रधरनगर पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर ग्राम नटवरपुर के सघन वनांचल क्षेत्र में संचालित एक अवैध महुआ शराब निर्माण स्थल पर अचानक योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी।
इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में लहान और बर्तन नष्ट करने के साथ ही कुल 65 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब जब्त की है। पुलिस ने मौके से ही शराब निर्माण और उसकी अवैध बिक्री में संलिप्त दो सगे अंचल निवासियों को रंगे हाथ गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।
मुखबिर के तंत्र से मिला इनपुट, चक्रधरनगर पुलिस ने जंगल में की घेराबंदी
पूंजीपथरा और चक्रधरनगर के सीमावर्ती इलाकों में गश्त के दौरान थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक राकेश मिश्रा को एक विश्वसनीय मुखबिर से पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम नटवरपुर के पहाड़ी और जंगली इलाके का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व बड़े पैमाने पर कच्ची महुआ शराब तैयार कर रहे हैं और उसे अंचल के हाट-बाजारों तथा बस्तियों में खपाने की तैयारी में हैं।
सूचना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए निरीक्षक राकेश मिश्रा ने तुरंत प्रधान आरक्षकों और आरक्षकों की एक विशेष रेडिंग टीम तैयार कर जंगल की ओर रवाना की। पुलिस टीम ने घने पेड़ों की ओट लेते हुए निर्माण स्थल को चारों तरफ से घेर लिया और भागने की कोशिश कर रहे दो संदिग्धों को धर दबोचा।
बर्तनों और ट्यूब में छुपाकर रखी थी शराब, 13 हजार का माल बरामद
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम फुल सिंह धनवार (25 वर्ष) और दुआरू धनवार (40 वर्ष) दोनों निवासी ग्राम नटवरपुर, थाना चक्रधरनगर बताया। पुलिस टीम द्वारा जब मौके की सघन तलाशी ली गई, तो आरोपी फुल सिंह धनवार के कब्जे से दो बड़े धातु के बर्तनों और एक प्लास्टिक जरीकेन में भरी हुई 35 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई।
वहीं, दूसरे आरोपी दुआरू धनवार के कब्जे से एक बड़े रबर ट्यूब में भरकर रखी गई 30 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई। इस प्रकार पुलिस ने कुल 65 लीटर अवैध शराब जब्त की है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹13,000 आंकी गई है।
छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज
थाना लाकर की गई प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस जंगली इलाके में छिपकर महुआ शराब बनाने और उसे स्थानीय स्तर पर ऊंचे दामों में बेचने का अवैध धंधा कर रहे थे। इस अवैध कारोबार के संबंध में आरोपियों द्वारा कोई भी वैध दस्तावेज या अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) प्रस्तुत नहीं की जा सकी।
परिणामस्वरूप, थाना चक्रधरनगर में दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 34(2) और 59(क) छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत गैर-जमानती अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में प्रधान आरक्षक दिलीप भानु, रविकिशोर साय और आरक्षक संदीप कौशिक व चन्द्र कुमार बंजारे की भूमिका सराहनीय रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई के उपरांत जिले के सभी थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध महुआ और अंग्रेजी शराब की तस्करी करने वालों के खिलाफ “ऑपरेशन आघात” को और अधिक तीव्र करें, ताकि ग्रामीण अंचलों में सामाजिक शांति और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जा सके।







