Raghav Chaddha : पंजाब में भारी बाढ़ के बीच AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का अचानक दौरा राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब एक साल बाद सार्वजनिक रूप से पंजाब में नजर आए चड्ढा ने गुरदासपुर और दीनानगर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस कदम से उनकी ही पार्टी के कई नेताओं को भी आश्चर्य हुआ क्योंकि हाल के कई अहम फैसलों में उन्हें शामिल नहीं किया गया था।
Raghav Chaddha : 36 वर्षीय राघव चड्ढा को पहले पंजाब में एक प्रभावशाली नेता माना जाता था और उन्हें ‘पंजाब का डि-फैक्टो मुख्यमंत्री’ तक कहा जाता था। बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के बाद उन्होंने अपनी सांसद निधि से राहत कार्यों में सहायता देने का ऐलान किया और पंजाब को अपनी मातृभूमि बताते हुए कहा कि यह दौरा उन्होंने सेवा भाव से किया है, राजनीति के उद्देश्य से नहीं।
Raghav Chaddha : हालांकि, इस दौरे के बाद पंजाब में उनकी भूमिका को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी के अंदर कुछ लोग मानते हैं कि चड्ढा फिर से अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि अब बहुत देर हो चुकी है। एक समय मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चड्ढा को अपना सलाहकार नियुक्त किया था और सरकारी बंगला भी आवंटित किया था। वहीं, AAP के पंजाब प्रवक्ता नील गर्ग का कहना है कि चड्ढा पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं, इसलिए उनके दौरे को ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए।
Raghav Chaddha : वहीं, पंजाब में बाढ़ की स्थिति को लेकर कांग्रेस और अकाली दल लगातार AAP सरकार पर हमला कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान इस संकट के दौरान तमिलनाडु में कार्यक्रम में व्यस्त रहे, जबकि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया भी राज्य में नहीं थे।
Raghav Chaddha : पंजाब की राजनीति में दिल्ली के AAP नेताओं के बढ़ते दखल को लेकर नाराजगी भी बनी हुई है। मनीष सिसोदिया की हालिया ‘साम दाम दंड भेद’ वाली टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ था, जिसे पार्टी के पंजाब प्रमुख अमन अरोड़ा ने सिसोदिया की निजी राय बताया था। इसके अलावा, मान सरकार को किसानों के विरोध के बाद ‘लैंड पूलिंग पॉलिसी’ वापस लेनी पड़ी थी।
Raghav Chaddha : राघव चड्ढा के बाढ़ प्रभावित इलाकों के इस दौरे ने पंजाब की राजनीतिक सरगर्मियों में नया मोड़ ला दिया है और अब सबकी निगाहें उनकी आगे की रणनीति पर लगी हुई हैं।













