नई दिल्ली। गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर केंद्र सरकार ने सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरुद्वारों में यात्रा की अनुमति दे दी है। यह फैसला उस समय आया है, जब हाल ही में पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।
सरकार ने यात्रा की अनुमति के साथ कुछ कड़े सुरक्षा नियम भी तय किए हैं। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केवल मान्यता प्राप्त सिख धार्मिक संगठनों द्वारा प्रायोजित जत्थों को ही यात्रा की अनुमति मिलेगी। सभी आवेदनों की राज्य पुलिस, CID और खुफिया एजेंसियों द्वारा कड़ी जांच की जाएगी, और गृह मंत्रालय व विदेश मंत्रालय की सिफारिश के बाद ही वीजा जारी किया जाएगा।
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सरकार ने यह भी कहा कि यात्रा केवल स्वीकृत जत्थों के रूप में होगी। व्यक्तिगत रूप से पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालु अटारी बॉर्डर से जत्थे का हिस्सा बनकर ही यात्रा कर सकेंगे।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की लंबी मांग के बाद यह फैसला आया है। SGPC ने कहा था कि गुरु नानक देव जी की जयंती पर करतारपुर साहिब दर्शन श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का मामला है।
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करतारपुर साहिब सिख धर्म के लिए सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थल माना जाता है, जहां गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम दिन बिताए। इस मंजूरी के बाद हजारों श्रद्धालु 5 नवंबर को प्रकाश पर्व पर करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से दर्शन कर सकेंगे।
गृह मंत्रालय सूत्र: “सुरक्षा और श्रद्धा दोनों का ध्यान रखते हुए यात्रा की अनुमति दी गई है। सभी श्रद्धालुओं को निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।”











