Bargawan Revenue Department Action : सिंगरौली विशेष पड़ताल: गड़ेरिया-डगा जमीन विवाद में फँसे रसूखदार; राजस्व विभाग का ‘बेदखली’ प्रहार, पेट्रोल पंप की जमीन भी जांच के घेरे में

VIKASH KHALKHO

Bargawan Revenue Department Action : सिंगरौली | 28 मार्च 2026 सिंगरौली जिले के बरगवां तहसील अंतर्गत ग्राम गड़ेरिया और डगा की बेशकीमती सरकारी जमीन पर बरसों से कुंडली मारकर बैठे भू-कारोबारियों के लिए अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है। राजस्व विभाग द्वारा जारी किए गए ‘बेदखली आदेश’ ने इलाके के रसूखदार जमीन कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है। दिलचस्प बात यह है कि शासकीय जमीन को बचाने के लिए जो फर्जी तर्क गढ़े गए थे, अब वही तर्क इन कारोबारियों के गले की फांस बन गए हैं।

खसरा नंबरों की ‘जादुई’ बाजीगरी आई सामने पूरा विवाद ग्राम गड़ेरिया के खसरा क्रमांक 8 और ग्राम डगा के खसरा क्रमांक 2157 के इर्द-गिर्द घूम रहा है। भू-कारोबारियों का दावा है कि गड़ेरिया की जिस जमीन पर बाउंड्रीवाल तानी गई है, वह असल में डगा गांव की जमीन है। लेकिन राजस्व विभाग की सूक्ष्म जांच ने इस दावे की धज्जियां उड़ा दी हैं। सवाल यह उठा है कि अगर गड़ेरिया के बीचों-बीच डगा का खसरा मौजूद है, तो महज 100 मीटर दूर स्थित खसरा क्रमांक 33 (जिस पर पेट्रोल पंप संचालित है) गड़ेरिया की निजी जमीन कैसे हो सकती है? साफ है कि कागजी हेरफेर के जरिए सरकारी रकबे को निजी बताने का खेल खेला गया है।

पेट्रोल पंप पर लटकी जांच की तलवार इस विवाद की आंच अब गड़ेरिया के खसरा क्रमांक 33 पर संचालित पेट्रोल पंप तक पहुँच गई है। राजस्व विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डगा के खसरा क्रमांक 2157 की स्थिति वही पाई जाती है जो कागजों में दर्ज है, तो पेट्रोल पंप वाली जमीन की वैधानिकता शून्य हो जाएगी। प्रशासन अब दस्तावेजों के सूक्ष्म परीक्षण के साथ-साथ मौके पर सीमांकन (Demarcation) की तैयारी कर रहा है। यदि सीमांकन में हेरफेर की पुष्टि होती है, तो पेट्रोल पंप को दी गई एनओसी (NOC) और लीज भी निरस्त हो सकती है।

राजस्व विभाग का सख्त रुख: बेदखली की तैयारी बरगवां तहसील कार्यालय ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। सूत्रों के मुताबिक, शासकीय भूमि पर अवैध रूप से किए गए कब्जों और वहां चल रही खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए बेदखली के आदेश थमा दिए गए हैं। वर्षों से चल रहे इस कथित ‘लैंड स्कैम’ की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं। प्रशासन द्वारा अभिलेखों के सत्यापन के बाद अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलने की भी संभावना जताई जा रही है।

कारोबारियों में मची खलबली प्रशासन की इस चौतरफा घेराबंदी से जमीन के धंधे से जुड़े सिंडिकेट में भारी हलचल है। संबंधित पक्ष अब कानूनी बचाव के रास्ते तलाश रहे हैं, लेकिन राजस्व विभाग के पास मौजूद पुराने नक्शे और दस्तावेज उनके दावों को कमजोर कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सिंगरौली प्रशासन के इस कड़े कदम से कई और बड़े नामों का खुलासा होने की उम्मीद है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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