Pradeep Mishra Controversy : फिर विवादों में प्रदीप मिश्रा, नाभि को जड़ बताकर महिलाओं पर टिप्पणी…

Parivesh

Pradeep Mishra Controversy : जयपुर में चल रही सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के दौरान कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने एक ऐसा बयान दे डाला, जिसने धार्मिक मंच को सामाजिक बहस का अखाड़ा बना दिया है। मिश्रा ने अपने प्रवचन में महिलाओं के पहनावे को सीधे अपराध से जोड़ते हुए न सिर्फ सुरक्षा पर सवाल उठाए, बल्कि एक बार फिर यह बहस छेड़ दी कि क्या धर्म की आड़ में महिलाओं की स्वतंत्रता तय की जा सकती है?

उन्होंने तुलसी के पौधे की जड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि “जिस तरह जड़ दिखाई देने पर तुलसी सूख जाती है, वैसे ही लड़कियों की नाभि शरीर की जड़ है, जिसे ढक कर रखना चाहिए।” उनका तर्क था कि “जब तक नाभि ढकी है, तब तक महिलाएं सुरक्षित हैं।”

यह बयान जहां कुछ लोगों ने परंपरा की दुहाई देकर सराहा, वहीं सोशल मीडिया पर और महिला अधिकार संगठनों के बीच तीखी आलोचना शुरू हो गई है। विरोधियों का कहना है कि यह सोच न केवल स्त्री की स्वतंत्रता का हनन है, बल्कि अपराध के असली कारणों से ध्यान भटकाने की कोशिश भी है।

विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे ‘विक्टिम ब्लेमिंग’ का उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि अपराधियों की नीयत पर लगाम लगाने की बजाय महिलाओं के कपड़ों को जिम्मेदार ठहराना, अपराध की संस्कृति को ही पोषित करता है।

फिलहाल पंडित प्रदीप मिश्रा की ओर से इस बयान पर कोई सफाई नहीं दी गई है, लेकिन जयपुर कथा मंच पर उनका यह बयान निश्चित ही उनके प्रवचनों से ज्यादा विवाद का विषय बन गया है।

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