निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : देश के युवाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें रोजगार मेले के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 61,000 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं के नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर को प्रधानमंत्री ने युवाओं के जीवन की नई शुरुआत बताते हुए इसे नए भारत की तेज़ रफ्तार का प्रतीक करार दिया।
नियुक्ति पत्र नहीं, राष्ट्र निर्माण का निमंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ये नियुक्ति पत्र केवल एक कागजी दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि यह ‘नेशन बिल्डिंग का इनविटेशन लेटर’ हैं। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा सिर्फ नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भागीदार बन रहा है।
बसंत पंचमी और गणतंत्र का विशेष संयोग
पीएम मोदी ने कहा कि साल 2026 की शुरुआत युवाओं के जीवन में नए अवसर और नई ऊर्जा लेकर आई है। उन्होंने बसंत पंचमी और गणतंत्र दिवस के पर्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय युवाओं को संविधान और अपने कर्तव्यों से जुड़ने की प्रेरणा देता है।
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महिला सशक्तिकरण की मजबूत तस्वीर
इस रोजगार मेले की खास बात यह रही कि 8 हजार से अधिक बेटियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति पत्र मिले। प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में देश की वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है, जो सामाजिक बदलाव और समान अवसरों की दिशा में एक मजबूत संकेत है।
रिफॉर्म एक्सप्रेस और ग्लोबल भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार है, जहां सरकार ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्राथमिकता दे रही है। भारत कई देशों के साथ ट्रेड और मोबिलिटी एग्रीमेंट कर रहा है, जिससे भारतीय युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
तकनीक के साथ खुद को अपग्रेड करने की अपील
पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि बदलती तकनीक के दौर में वे खुद को लगातार अपडेट रखें। उन्होंने iGOT प्लेटफॉर्म का उल्लेख करते हुए बताया कि डेढ़ करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारी डिजिटल प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं। अंत में उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों को ‘नागरिक देवो भवः’ के मंत्र के साथ जनता की सेवा करने का आह्वान किया।











