Phool Singh Baraiya Indore News : इंदौर। मध्य प्रदेश में महिलाओं और दलित समाज पर अपनी टिप्पणी को लेकर चौतरफा घिरे कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के तेवर कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। शनिवार को इंदौर एयरपोर्ट पर राहुल गांधी के साथ बाहर निकलते समय जब मीडिया ने उन्हें घेरा, तो बरैया ने साफ कर दिया कि वे अपने बयान पर कायम हैं और माफी मांगने का कोई इरादा नहीं है।
‘लाइब्रेरी और किताब’ का दिया हवाला: अपने बयान का बचाव करते हुए बरैया ने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी कहा, वह हवा में नहीं था। उन्होंने दार्शनिक हरिमोहन झा की एक किताब का जिक्र करते हुए दावा किया कि उसमें विभिन्न जातियों (चांडाल, चमार, रजक आदि) के साथ सहवास को अलग-अलग तीर्थों के समान बताया गया है। बरैया ने एक श्लोक— ‘चाण्डाली तु स्वयं काशी प्रयागश्चर्मकारिणी…’ का उदाहरण देते हुए कहा कि वे केवल वही बता रहे थे जो शास्त्रों या लेखों में दर्ज है।
अकेले लड़ने की बात कही: जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या कांग्रेस पार्टी उनके साथ है, तो बरैया ने दो-टूक कहा, “मेरे बयान के साथ मैं हूँ और कोई नहीं है।” उन्होंने आगे दावा किया कि वे 40 करोड़ महिलाओं और एससी-एसटी समाज की इज्जत बचाने के लिए अकेले खड़े हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एससी-एसटी समाज की महिलाएं खूबसूरत नहीं होतीं? उनके इस बयान ने एक बार फिर नए विवाद को जन्म दे दिया है।
राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी: बरैया के इस अडिग रुख के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल आना तय माना जा रहा है। एक तरफ जहां भाजपा इसे महिलाओं का अपमान बता रही है, वहीं बरैया द्वारा खुद को पार्टी से अलग कर ‘व्यक्तिगत बयान’ बताना कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है।













