PDA पाठशाला : सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में समाजवादी पार्टी से जुड़े एक कथित ‘PDA पाठशाला’ का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल मच गई है। सहारनपुर के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के मल्हीपुर रोड स्थित नया गांव सिद्धपुरा में यह अनाधिकृत पाठशाला संचालित की जा रही थी। स्थानीय नागरिकों की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी गई है।
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स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पाठशाला में बच्चों को पारंपरिक शिक्षा की जगह राजनीतिक तौर-तरीकों से जोड़कर पढ़ाया जा रहा था। बच्चों को ‘A फॉर अखिलेश’, ‘B फॉर बाबा साहब’, ‘C फॉर चौधरी चरण सिंह’ और ‘D फॉर डिंपल’ सिखाया जा रहा था। इस पाठ्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हुईं, जिसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
यह कथित पाठशाला समाजवादी पार्टी के नेता फरहाद आलम गाड़ा द्वारा चलाई जा रही थी। फरहाद का कहना है कि यह पहल गरीब बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें उनके अधिकारों तथा महापुरुषों के बारे में बताने के लिए शुरू की गई थी। उन्होंने इसे सरकार की शिक्षा नीतियों के विरोध में एक अभियान बताया।
स्थानीय नागरिकों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली देहात पुलिस ने समाजवादी नेता फरहाद आलम गाड़ा और अज्ञात अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, यह जांच का विषय है कि क्या शिक्षा के नाम पर किसी विशेष राजनीतिक विचारधारा को बच्चों पर थोपा जा रहा था। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
पार्टी की प्रतिक्रिया और पृष्ठभूमि
मालूम हो कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में राज्य सरकार की उस नीति के विरोध में ‘PDA पाठशाला’ अभियान चलाने की घोषणा की थी, जिसके अंतर्गत उन सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है, जहां नामांकित छात्रों की संख्या शून्य या बहुत कम है। पार्टी का दावा है कि यह नीति गरीब और पिछड़े वर्गों के बच्चों को शिक्षा से दूर करने की कोशिश है। इसी अभियान के तहत राज्यभर में कार्यकर्ताओं द्वारा PDA पाठशालाएं चलाई जा रही हैं।
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समाजवादी पार्टी के अनुसार PDA का अर्थ है – पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक। पार्टी इसे सामाजिक न्याय का मूल सिद्धांत मानती है और अपने अभियान में इसी संदेश को बच्चों तक पहुंचाने का दावा करती रही है।













