नई दिल्ली : Parliament Monsoon Session : संसद का मानसून सत्र आज से एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर मुद्दों पर केंद्र बिंदु बनेगा। लोकसभा और राज्यसभा में आज से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले पर गहन चर्चा की शुरुआत होगी। इन मुद्दों पर सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता अपनी बात रखेंगे, जिसके बेहद तीखे और संवेदनशील होने की उम्मीद है।
Parliament Monsoon Session : आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े ये विषय न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में बल्कि आम जनता के बीच भी गहरी चिंता का विषय बने हुए हैं। सरकार जहां इन अभियानों और घटनाओं पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी, वहीं विपक्ष सरकार से ठोस जवाबदेही और भविष्य की रणनीति पर सवाल पूछने को तैयार है।
कांग्रेस की रणनीति: 3 घंटे का समय और तीन दिवसीय व्हिप जारी
इस महत्वपूर्ण बहस के लिए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपनी कमर कस ली है। कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों के लिए तीन दिन का व्हिप जारी किया है, जिसका अर्थ है कि सांसदों को इस दौरान सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। चर्चा के लिए कांग्रेस को कुल तीन घंटे का समय आवंटित किया गया है, जिसमें पार्टी अपने सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को रखने का प्रयास करेगी। यह व्हिप दर्शाता है कि कांग्रेस इन मुद्दों को कितनी गंभीरता से ले रही है और वह सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती।
दोनों सदनों में, पक्ष और विपक्ष के वरिष्ठ नेता इस संवेदनशील विषय पर अपनी राय व्यक्त करेंगे, जिससे संसद में बहस का स्तर और भी अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाएगा। देश की सुरक्षा से जुड़े इन अहम मुद्दों पर होने वाली यह चर्चा निश्चित रूप से पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचेगी।









