Monday, August 17, 2026
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पाकिस्तानी जासूस के संपर्क में था दिल्ली का CRPF जवान, 15 सैन्य और सरकारी अधिकारियों की जानकारी साझा की – जांच में खुलासा

नई दिल्ली – राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा गिरफ्तार किए गए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) मोती राम जाट ने पूछताछ में गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों का खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि वह एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट के संपर्क में था, जो कम से कम 15 सैन्य और सरकारी अधिकारियों से जुड़ा हुआ था।

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गुप्त दस्तावेजों की साझा की जानकारी

एजेंसियों के अनुसार, जाट ने पिछले दो वर्षों में लाहौर स्थित अपने हैंडलर को ₹12,000 तक के भुगतान के लिए कई संवेदनशील दस्तावेज साझा किए। ये फंड देश के विभिन्न राज्यों — दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, यूपी, असम और बंगाल — से उसके और उसकी पत्नी के खातों में जमा किए गए।

एनआईए ने मई में किया था गिरफ्तार

मोती राम जाट को 27 मई को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। वह पहले पहलगाम में तैनात था और 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले (जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे) से 5 दिन पहले उसका तबादला दिल्ली हुआ था।

15 भारतीय नंबरों पर नजर

खुफिया एजेंसियों की जांच में पता चला है कि पाकिस्तानी एजेंट, कोड नेम ‘सलीम अहमद’, जाट के अलावा 15 भारतीय फोन नंबरों से संपर्क में था। इनमें से 4 नंबर सेना, 4 अर्धसैनिक बलों और 7 केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े हैं। एजेंसियां कॉल डिटेल और इंटरनेट प्रोटोकॉल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं।

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कोलकाता से खरीदा गया सिम, लाहौर भेजा गया ओटीपी

आशंका है कि जिस नंबर से जाट से संपर्क किया गया, उसका सिम कार्ड कोलकाता से खरीदा गया था और एक पाकिस्तानी एजेंट को एक्टिवेशन ओटीपी भेजा गया। कोलकाता के इस व्यक्ति ने 2007 में पाकिस्तान में शादी की थी और अब वह संदिग्ध सूची में है।

पैसे भेजने वाला तस्कर भी गिरफ्तार

फंडिंग चेन में एक और नाम शहजाद का सामने आया है, जिसे मई में उत्तर प्रदेश ATS ने सीमा पार तस्करी और गोपनीय जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

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महिला पत्रकार बनकर शुरू हुआ संपर्क

एएसआई जाट ने बताया कि उससे शुरुआत में एक महिला ने संपर्क किया, जिसने खुद को चंडीगढ़ के टीवी चैनल की पत्रकार बताया। नियमित चैट और वीडियो कॉल के बाद उसने दस्तावेज़ मांगने शुरू किए। बाद में एक व्यक्ति (संभवतः ISI अधिकारी) ने “सहकर्मी पत्रकार” बनकर बातचीत की कमान संभाली।

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VIKASH KHALKHO
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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