Nishaanebaz News Desk-Railway Station Drinking Water: रेलवे स्टेशन का पानी रोजाना लाखों यात्रियों की जरूरत बनता है। सफर के दौरान लोग प्लेटफॉर्म, वाटर कूलर और स्टेशनों पर लगे नलों से पानी पीते हैं। लेकिन अब CAG की रिपोर्ट में सामने आए खुलासे ने रेलवे की पेयजल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।ऑडिट के दौरान कई रेलवे स्टेशनों पर लिए गए पानी के नमूनों में E. Coli बैक्टीरिया की मौजूदगी मिली। ऐसे में यात्रियों के लिए स्टेशन पर मिलने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
512 रेलवे स्टेशनों की सुविधाओं का हुआ ऑडिट
रेलवे स्टेशन का पानी जांचने के लिए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG ने 512 गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों का ऑडिट किया। इसमें यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं, साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था की स्थिति की जांच की गई।ऑडिट के दौरान कुछ स्टेशनों पर वाटर कूलर और प्लेटफॉर्म पर लगे नलों से पानी के नमूने लिए गए। जांच में कई जगह पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर कमियां सामने आईं।
Read water: Raipur News: सेंध लेक पर बाइक स्टंट पड़ा भारी! पुलिस ने 3 दर्जन से ज्यादा वाहन किए जब्त, 59 के कटे ई-चालान
कई स्टेशनों के वाटर कूलर के पानी में E. Coli
रेलवे स्टेशन का पानी उस समय सवालों के घेरे में आ गया, जब कुछ वाटर कूलरों से लिए गए नमूनों में E. Coli बैक्टीरिया पाया गया।रिपोर्ट के मुताबिक कोयंबटूर, पलक्कड़ जंक्शन, हैदराबाद, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, भिवंडी रोड, कल्याण, लोनावाला और मधुपुर के कुछ वाटर कूलरों के नमूनों में यह बैक्टीरिया मिला।E. Coli की मौजूदगी पानी में गंदगी या सीवेज से दूषित होने की संभावना की ओर इशारा कर सकती है। इसलिए पेयजल की नियमित जांच बेहद जरूरी मानी जाती है।
प्लेटफॉर्म के नलों के पानी में भी मिली गड़बड़ी
रेलवे स्टेशन का पानी सिर्फ वाटर कूलर तक सीमित नहीं रहा। CAG की जांच में प्लेटफॉर्म पर लगे नलों से लिए गए पानी के कुछ नमूनों में भी टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाया गया।रिपोर्ट के अनुसार 2022-23 में आठ रेलवे जोन के 49 स्टेशनों और 2023-24 में नौ जोन के 56 स्टेशनों के प्लेटफॉर्म नलों से पानी के नमूने लिए गए थे।यह रिपोर्ट रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की नियमित जांच और पानी की व्यवस्था के बेहतर रखरखाव की जरूरत को सामने रखती है।
सिर्फ पानी नहीं, टॉयलेट की व्यवस्था भी सवालों में
रेलवे स्टेशन का पानी ही नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए उपलब्ध दूसरी सुविधाओं को लेकर भी CAG ऑडिट में कमियां सामने आईं।ऑडिट किए गए 512 स्टेशनों में से 458 स्टेशन यानी करीब 89 प्रतिशत से ज्यादा स्टेशन न्यूनतम जरूरी यात्री सुविधाओं के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।कई जगह टॉयलेट, यूरिनल और पानी के नलों की संख्या भी यात्रियों की जरूरत के मुकाबले कम पाई गई।
CAG ने रेलवे को क्या सलाह दी?
रेलवे स्टेशन का पानी यात्रियों के लिए सुरक्षित रहे, इसके लिए CAG ने रेलवे को पेयजल व्यवस्था की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है।रिपोर्ट में तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। CAG ने 2019-20 से 2023-24 के बीच रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और व्यवस्थाओं का आकलन किया है।
यात्रियों के लिए क्या है जरूरी?
रेलवे स्टेशन का पानी इस्तेमाल करते समय यात्री भी सावधानी बरत सकते हैं। जहां संभव हो, सीलबंद पानी की बोतल का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। वाटर कूलर या नल की साफ-सफाई संदिग्ध नजर आने पर वहां का पानी पीने से बचना चाहिए।CAG की रिपोर्ट ने रेलवे के सामने साफ कर दिया है कि यात्रियों को बेहतर ट्रेन सेवा के साथ साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है।





