इस्लामाबाद: पाकिस्तान में लोकतंत्र की स्थिति को लेकर एक नया और गंभीर विवाद सामने आया है। खैबर पख्तूनख्वा (KP) के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने आरोप लगाया है कि पंजाब विधानसभा परिसर में उनके साथ सुरक्षाकर्मियों ने धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसने पाकिस्तानी राजनीति में हलचल मचा दी है।
विधानसभा परिसर में तनाव
जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार को उस समय हुई जब मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी अपने प्रतिनिधियों के साथ पंजाब विधानसभा में प्रवेश कर रहे थे। आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोकने की कोशिश की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
पकितान में चुने हुए जनप्रतिनिधियों की क्या औकात है आप इस वीडियो में देखिए
पाकिस्तान में एक मुख्यमंत्री की इज्जत भी एक कुत्ते से ज्यादा नहीं होती
हां अगर वह जनरलो के जूते तलवे चाटता है तो जरूर उसे इज्जत मिलेगी
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की असेंबली में कुछ रिप्रेजेंटेटिव… pic.twitter.com/KHP1W80iRv
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) December 27, 2025
प्रतिनिधि से भी बदसलूकी का आरोप
जब हालात बिगड़ने लगे तो सीएम अफरीदी के प्रतिनिधि फतेह उल्लाह बुर्की बीच-बचाव के लिए आगे आए। इस दौरान उनके साथ भी कथित तौर पर बदसलूकी की गई। बाद में अन्य अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और बुर्की को छोड़ा गया।
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‘लोकतंत्र नहीं, मार्शल लॉ जैसी हालत’
घटना के बाद मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी लोकतांत्रिक देश में निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। अफरीदी ने दावा किया कि पाकिस्तान में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और यह स्थिति मार्शल लॉ जैसी प्रतीत होती है।
सरकार ने आरोप किए खारिज
हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई और हालात जल्द ही नियंत्रण में ले लिए गए थे।
बढ़ता राजनीतिक टकराव
गौरतलब है कि पंजाब में PML-N और KP में PTI की सरकार है। ऐसे में इस घटना को दोनों दलों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद पाकिस्तान की पहले से अस्थिर राजनीति को और गर्मा सकता है।













