नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र-2025 का दूसरा दिन विपक्ष के लिए हंगामेदार रहा। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने SIR (संचार निगरानी) और वोट चोरी के आरोपों को लेकर जबरदस्त हंगामा किया। कुछ सांसद वेल तक पहुंच गए और ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ के नारे लगाने लगे। स्पीकर ओम बिरला ने प्रश्नकाल जारी रखा, लेकिन विपक्ष लगातार 20 मिनट तक नारे लगाता रहा। अंततः कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया।
विपक्ष का संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन
कार्यवाही स्थगित होने के बाद विपक्षी सांसद संसद के कैंपस में विरोध प्रदर्शन करने लगे। इसमें कांग्रेस के सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाद्रा, द्रमुक नेता टी आर बालू और अन्य शामिल थे। विरोध प्रदर्शनकारियों ने ‘SIR वापस लो’ के नारे लगाए। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विरोध-प्रदर्शन जरूरी है।
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प्रियंका गांधी का सरकार पर तानाशाही आरोप
प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद इसलिए नहीं चल रही है क्योंकि सरकार चर्चा से बच रही है। उनका कहना था कि विपक्ष पर आरोप लगाना आसान है, लेकिन लोकतंत्र स्वस्थ बहस और चर्चा की मांग करता है।
संचार साथी ऐप को लेकर विवाद
मोबाइल फोन में ‘संचार साथी ऐप’ प्री-इंस्टॉल करने के निर्देश पर प्रियंका गांधी ने इसे जासूसी ऐप करार दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपनी प्राइवेसी का अधिकार है और हर व्यक्ति को परिवार व दोस्तों से सुरक्षित तरीके से बातचीत करने की आजादी होनी चाहिए।
स्थगन प्रस्ताव और संविधानिक अधिकार
प्रियंका गांधी ने संचार साथी ऐप के खिलाफ स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उनका कहना था कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार है। दूरसंचार विभाग का आदेश कि ऐप पहले से इंस्टॉल हो और हटाया न जा सके, यह गोपनीयता पर हमला है। रेणुका चौधरी ने कहा कि यह निगरानी बढ़ाने का रास्ता खोलता है और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं।











