रोम, 10 अक्टूबर 2025: इटली सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक बिल संसद में पेश किया है। यह बिल प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की ब्रदर्स ऑफ इटली पार्टी के सांसदों द्वारा पेश किया गया और इसका उद्देश्य देश में इस्लाम से जुड़े “सांस्कृतिक अलगाववाद” को रोकना बताया गया है।
यदि यह बिल कानून बन जाता है तो देशभर के स्कूल, यूनिवर्सिटी, दुकानों, ऑफिस और सार्वजनिक जगहों पर चेहरा ढकने वाले कपड़ों (बुर्का/नकाब) पर प्रतिबंध लागू होगा। उल्लंघन करने पर 300 से 3,000 यूरो (करीब 30 हजार से 3 लाख रुपए) का जुर्माना लगेगा।
यूरोप में पहले से बैन
फ्रांस पहला यूरोपीय देश था जिसने 2011 में सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का पहनने पर पूरी तरह बैन लगाया। इसके अलावा ऑस्ट्रिया, तुर्की, ट्यूनीशिया, श्रीलंका और स्विटजरलैंड सहित दुनिया के 20 से अधिक देशों में सार्वजनिक जगहों पर बुर्का पहनने पर प्रतिबंध है। यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय ने लगातार इन प्रतिबंधों को सही ठहराया है।
धार्मिक संगठनों पर सख्ती
नए बिल के तहत इटली में ऐसे धार्मिक संगठनों पर सख्ती होगी, जिन्होंने सरकार के साथ औपचारिक समझौता नहीं किया है। गैर-मान्यता प्राप्त समूहों को अपने फंडिंग स्रोतों का खुलासा करना होगा और केवल उन्हीं संस्थानों से फंडिंग लेने की अनुमति होगी जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा नहीं हैं।
अन्य आपराधिक प्रावधान
इस कानून में अब किसी का वर्जिनिटी टेस्ट करना अपराध घोषित किया गया है। इसके अलावा किसी को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए शादी करने पर मिलने वाली सजा को भी और सख्त किया गया है।
इटली सरकार का कहना है कि यह बिल सुरक्षा, पारदर्शिता और समाज में एक साथ रहने की भावना को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।











