No Extra License Fee: नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों टेलीविजन और डीटीएच (DTH) सेवाओं को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली खबर तेजी से वायरल हो रही है। इस वायरल पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि मोदी सरकार एक ऐसा नया नियम लेकर आ रही है, जिससे देश भर में करीब 11 करोड़ टीवी सेट एक झटके में बंद हो जाएंगे। इतना ही नहीं, पोस्ट में यह भी लिखा गया है कि टीवी ब्रॉडकास्टिंग इतनी महंगी हो जाएगी कि केबल ऑपरेटर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स अपने चार्ज में 4 से 6 गुना तक की बढ़ोतरी कर देंगे, जिससे आम जनता की जेब कटने के साथ-साथ लाखों लोगों का रोजगार छिन जाएगा।
इस खबर के सामने आते ही टीवी उपभोक्ताओं और केबल टीवी इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया। लेकिन क्या वाकई इस दावे में कोई सच्चाई है? आइए जानते हैं सरकार की आधिकारिक एजेंसी के फैक्ट चेक में क्या निकलकर सामने आया है।
A social media post claims that the @MIB_India‘s new draft rules will force 11 crore TVs to shut down, increase cable and DTH charges 4 to 6 times, impose heavy licensing fees, and destroy millions of jobs.#PIBFactCheck
❌ This claim is FAKE. The Union Government has NOT… pic.twitter.com/aAdsGOdVQf
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 20, 2026
PIB फैक्ट चेक में खुली पोल: दावा पूरी तरह से फर्जी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक एजेंसी पीआईबी (PIB) ने इस वायरल पोस्ट की पड़ताल की और अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इसका खंडन जारी किया।
PIB का आधिकारिक बयान:
“सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत और आधारहीन है। केंद्र सरकार ने ऐसा कोई भी नियम या कानून नहीं बनाया है और न ही बनाने जा रही है, जिससे टीवी सब्सक्रिप्शन का खर्च 4 से 6 गुना बढ़ जाए या देश में टीवी सेवाएं ठप हो जाएं।”
क्या है सरकार का असली कदम और ‘MIB ड्राफ्ट 2026’?
दरअसल, इस पूरी अफवाह की जड़ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा जारी किया गया एक नया प्रशासनिक ड्राफ्ट है। असल सच्चाई यह है कि मंत्रालय ने ‘टेलीकम्युनिकेशंस (टेलीविजन, रेडियो और संबंधित सेवाएं) नियम, 2026’ का एक शुरुआती ड्राफ्ट तैयार किया है।
इस ड्राफ्ट को लेकर सरकार की असली योजना इस प्रकार है:
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जनता से मांगी गई है राय: सरकार ने इस ड्राफ्ट को सार्वजनिक करते हुए आम जनता और इस क्षेत्र से जुड़े हितधारकों (Stakeholders) से 27 जुलाई, 2026 तक सुझाव और राय मांगी है।
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फीस बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं: इस ड्राफ्ट नियमों में किसी भी प्रकार की लाइसेंस फीस बढ़ाने या उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का कोई प्रावधान शामिल नहीं है।
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नियमों का सरलीकरण: इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य टीवी और रेडियो सेवाओं के लिए पहले से चली आ रही अलग-अलग और बिखरी हुई गाइडलाइंस को एक ही छत के नीचे (एकीकृत) लाना है। इससे मौजूदा व्यवस्था बेहद आसान और एक जैसी हो जाएगी, जिससे ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर को काम करने में आसानी (Ease of Doing Business) होगी।
निष्कर्ष: साफ है कि पैसे की भूखी सरकार द्वारा देश को तबाह करने और टीवी बंद करने वाले सभी सोशल मीडिया दावे पूरी तरह राजनीति से प्रेरित और झूठे हैं। उपभोक्ताओं का टीवी या DTH कनेक्शन बंद नहीं होने जा रहा है और न ही इसके दाम में कोई बेतहाशा बढ़ोतरी होने वाली है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी किसी भी अपुष्ट खबर को शेयर करने से बचें।







