Tuesday, August 18, 2026
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CG Government Employees Strike: छत्तीसगढ़ के 4.5 लाख कर्मचारियों का हल्लाबोल, 7 जुलाई से सांसदों और विधायकों के निवास का घेराव

CG Government Employees Strike: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़/घरघोड़ा: छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने प्रांतीय निकाय और प्रदेश प्रबंधकारणी के निर्णयानुसार अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इससे पहले संघ द्वारा बीती 10 जून को पूरे प्रदेश के सभी जिला और विकासखंड मुख्यालयों में ध्यानाकर्षण ज्ञापन सौंपा गया था। लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस घोषणा या सकारात्मक पहल न होने से नाराज कर्मचारियों ने अब सीधे जनपदों के राजनीतिक नेतृत्व के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की रणनीति बनाई है। आगामी 7 जुलाई से 11 जुलाई 2026 के मध्य प्रदेशभर के शासकीय कर्मचारी स्थानीय सांसदों और विधायकों के निवास या प्रवास के दौरान उन्हें अपनी 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।

कई प्रमुख कर्मचारी संगठन आए एक साथ

इस बड़े आंदोलन को सफल बनाने के लिए प्रदेश के कई अन्य प्रमुख संगठनों ने भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है। जिला शाखा अध्यक्ष एवं प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष कुमार पाण्डेय ने बताया कि इस अभियान में छत्तीसगढ़ प्रदेश कृषि विभाग शासकीय कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य संयोजक संघ, आईटीआई कर्मचारी अधिकारी संघ, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ, निःशक्त कर्मचारी अधिकारी संघ और छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी पेंशनर एसोसिएशन एकजुट होकर मैदान में उतर रहे हैं।

ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख 6 सूत्रीय मांगें:

  1. महंगाई भत्ता (DA): राज्य के विद्युत मंडल, न्यायिक सेवा और अखिल भारतीय सेवाओं की तर्ज पर प्रदेश के साढ़े चार लाख नियमित अधिकारियों-कर्मचारियों को भी 1 जनवरी 2026 से देय 2% महंगाई भत्ता तत्काल स्वीकृत किया जाए।

  2. कैशलेस चिकित्सा: प्रदेश के शासकीय सेवकों के लिए घोषित की जा चुकी कैशलेस चिकित्सा सुविधा के क्रियान्वयन हेतु अविलंब आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी हों।

  3. अवकाश नगदीकरण: केंद्रीय कर्मचारियों और अविभाजित मध्य प्रदेश की व्यवस्था के अनुरूप सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले अर्जित अवकाश नगदीकरण की सीमा को 240 दिनों से बढ़ाकर 300 दिन किया जाए।

  4. नियमितीकरण: विभागों में कार्यरत संविदा, दैनिक वेतन भोगी और अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित किया जाए तथा मध्य प्रदेश सरकार की तरह उन्हें पूर्ण सेवा सुरक्षा प्रदान की जावे।

  5. शिक्षक एलबी संवर्ग: शिक्षक एलबी संवर्ग को उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना करते हुए समस्त पुरानी सेवाओं का वास्तविक लाभ प्रदान किया जाए।

  6. अनुकंपा नियुक्ति: अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में लगी 10 प्रतिशत की सीलिंग (सीमा) को पूरी तरह समाप्त कर सभी लंबित पदों पर आश्रितों को तत्काल नियुक्तियां दी जावें।

रायगढ़ जिले में दिग्गज पदाधिकारियों ने संभाली कमान

रायगढ़ जिले में इस आंदोलन और ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम को व्यापक रूप देने के लिए संघ के वरिष्ठ नेताओं ने कमर कस ली है। जिले में शेख कलीमुल्लाह, संतोष पांडे, केशव पटेल, संजीव शेट्टी, एल.बी.एस. जाटवर, आशीष शर्मा, नरेंद्र पर्वत और रोहित डनसेना सहित विकास तिवारी, अश्विनी दर्शन, अनिल ग्भेल, पी.आर. भारद्वाज और पी.आर. भास्कर जैसे दर्जनों पदाधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में पूरे जिले के प्रत्येक ब्लॉक और तहसील स्तर पर सांसदों व विधायकों को आत्मीयता के साथ अपनी मांगों का पुलिंदा सौंपा जाएगा। कर्मचारी नेताओं का साफ कहना है कि यदि इस बार भी जनप्रतिनिधियों के माध्यम से उनकी जायज मांगें पूरी नहीं की गईं, तो संघ भविष्य में उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होगा।

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