Revenue Record by Singrauli Forest Department: खनिज और पंजीयन के बाद वन विभाग ने गाड़े झंडे; सिंगरौली की 12 प्रमुख परियोजनाओं से हुई रिकॉर्ड वसूली

VIKASH KHALKHO

Revenue Record by Singrauli Forest Department: सिंगरौली (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश की ‘ऊर्जाधानी’ के रूप में सुविख्यात सिंगरौली जिले ने एक बार फिर प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में पूरे प्रदेश में अपना परचम लहराया है। जिला खनिज और पंजीयन विभाग द्वारा रिकॉर्ड राजस्व अर्जन के बाद अब सिंगरौली वन विभाग ने भी राजस्व वसूली के मामले में पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

वन विभाग ने चालू वित्त वर्ष में शासन द्वारा तय किए गए लक्ष्य से कहीं अधिक वसूली कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार के खजाने को भरने का ऐतिहासिक काम किया है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि की गूंज और सराहना अब पूरे मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हो रही है।

510 करोड़ का था टारगेट, वसूले 595 करोड़ रुपये

सिंगरौली जिला वृहद कोयला खदानों और औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र है। वर्तमान में जिले के अंतर्गत 12 प्रमुख परियोजनाएं संचालित हो रही हैं, जो कोयला खनन के साथ-साथ उसके व्यापक परिवहन (Transportation) का कार्य करती हैं। इन औद्योगिक एवं खनन गतिविधियों से वन विभाग को प्रतिवर्ष नियमानुसार भारी-भरकम परिवहन राजस्व प्राप्त होता है।

  • शासन द्वारा तय लक्ष्य: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शासन ने सिंगरौली वन विभाग को 510 करोड़ रुपये का रेवेन्यू टारगेट आवंटित किया था।

  • हासिल की गई उपलब्धि: वन विभाग ने अपनी उत्कृष्ट कार्ययोजना के बल पर 595 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व एकत्र कर लिया।

  • अतिरिक्त राजस्व: विभाग ने लक्ष्य से 85 करोड़ रुपये अधिक की वसूली कर एक नया मानक स्थापित किया है।

DFO अखिल बंसल की सख्त मॉनिटरिंग और पारदर्शी कार्यशैली

इस ऐतिहासिक और रिकॉर्डतोड़ सफलता का मुख्य श्रेय सिंगरौली के डीएफओ (DFO) अखिल बंसल की कुशल प्रशासनिक क्षमता और कड़े रुख को दिया जा रहा है।

पदभार संभालने के बाद से ही उन्होंने माइनिंग और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर से प्राप्त होने वाले राजस्व की शत-प्रतिशत पारदर्शी वसूली सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा और मैदानी जांच शुरू की। उनके कड़े दिशा-निर्देशों, लगातार निगरानी और लीकेज रोकने के सख्त उपायों के चलते ही समय सीमा से पूर्व इतना विशाल राजस्व संग्रह संभव हो सका है।

प्रशासनिक दक्षता की मिसाल:

सिंगरौली वन विभाग द्वारा स्थापित यह नया कीर्तिमान न केवल राज्य के राजस्व में बड़ा योगदान दे रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि यदि नेतृत्व मजबूत हो और मॉनिटरिंग पारदर्शी हो, तो तय लक्ष्यों से भी आगे बढ़ा जा सकता है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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