रायपुर। Nishaanebaz.com-CG College Student ATKT Relief Action: छत्तीसगढ़ के स्नातक स्तर के हजारों कॉलेज विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर में ‘एटीकेटी’ (ATKT) मिलने के कारण स्नातक तीसरे वर्ष (पांचवें सेमेस्टर) में प्रवेश से वंचित हो रहे छात्रों के लिए रोक हटा दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में औपचारिक दिशा-निर्देश और आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
शासन के इस फैसले से अकादमिक सत्र 2026-27 में हजारों छात्रों का साल बर्बाद होने से बच जाएगा और उन्हें आगे की पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा।
पांचवें सेमेस्टर में मिलेगा सशर्त प्रावधिक प्रवेश, नियमित परीक्षा पास करना अनिवार्य
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, स्नातक प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर में एटीकेटी प्राप्त विद्यार्थियों को सत्र 2026-27 के पांचवें सेमेस्टर (थर्ड ईयर) में ‘सशर्त प्रावधिक प्रवेश’ (Conditional Provisional Admission) दिया जाएगा। हालाँकि, आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि इन विद्यार्थियों को अपने प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के बकाया एटीकेटी विषयों की परीक्षा नियमित विद्यार्थियों के लिए निर्धारित सारणी के अनुसार उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
एनएसयूआई और पीआरएसयू छात्र नेताओं के लगातार आंदोलन के बाद फैसला
उल्लेखनीय है कि एटीकेटी नियमों के तहत तीसरे वर्ष में प्रवेश रोकने के फैसले का व्यापक स्तर पर विरोध हो रहा था। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) में छात्र नेता पुनेश्वर लहरे और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के नेतृत्व में छात्र लगातार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार को भी एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्रों ने उग्र आंदोलन करते हुए उच्च शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोला था, जिसके दबाव में आकर सरकार को अपना पूर्व निर्णय बदलना पड़ा।
प्रदेश के 30 से 40 हजार विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
छात्र नेता पुनेश्वर लहरे ने बताया कि विश्वविद्यालयों द्वारा बनाई गई इस जटिल व्यवस्था के कारण पूरे प्रदेश में लगभग 30 से 40 हजार छात्र-छात्राएं तीसरे वर्ष में प्रवेश से वंचित हो रहे थे। छात्रों के निरंतर संघर्ष और आक्रोश के बाद राज्य शासन द्वारा प्रवेश पर लगी रोक हटाना छात्र शक्ति की बड़ी जीत है। इस फैसले के बाद अब पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के सभी शासकीय व निजी महाविद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया पुनः गति पकड़ेगी।






