Saturday, September 5, 2026
Home Chhattisgarh Public Outrage in Baikunthpur: 17 वर्षीय नाबालिग की आत्महत्या मामले में उग्र...

Public Outrage in Baikunthpur: 17 वर्षीय नाबालिग की आत्महत्या मामले में उग्र प्रदर्शन; सड़कों पर उतरा आशीर्वाद और कंवर समाज

Public Outrage in Baikunthpur: बैकुंठपुर / कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा द्वारा मानसिक प्रताड़ना के कारण की गई आत्महत्या के मामले ने अब भारी तूल पकड़ लिया है। मृतका को न्याय दिलाने और मामले में संलिप्त सभी दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग को लेकर क्षेत्र का आशीर्वाद समाज और कंवर समाज पूरी तरह से लामबंद होकर सड़कों पर उतर आया है।

रविवार को समाज के सैकड़ों लोगों ने महिलाओं और बच्चों के साथ मिलकर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय को ज्ञापन सौंपने के लिए एक विशाल और आक्रोशित मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शन बेहद उग्र हो गया, जिसके बाद एहतियातन शहर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, तो सड़क पर ही बैठ गए प्रदर्शनकारी

आक्रोशित ग्रामीणों और समाज के लोगों की रैली जैसे ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर बढ़ी, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही मार्ग पर मजबूत बैरिकेडिंग कर दी थी। पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को एसपी कार्यालय के मुख्य द्वार की ओर जाने से रोक दिया।

प्रशासन द्वारा रोके जाने से नाराज प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और वे बैकुंठपुर स्थित आईसी (IC) मार्ट के ठीक सामने मुख्य सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनकी स्पष्ट मांग है कि इस संवेदनशील मामले में कथित रूप से शामिल दो अन्य सह-आरोपियों को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित आदिवासी परिवार को त्वरित न्याय प्रदान किया जाए।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद बैकुंठपुर के प्रसिद्ध आईसी (IC) मार्ट से जुड़ा हुआ है। मृतका के परिजनों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि मार्ट संचालक द्वारा 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा को पिछले लंबे समय से गंभीर रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित और प्रताड़ित किया जा रहा था। इस लगातार जारी मानसिक तनाव और सामाजिक लोक-लाज के डर से टूटकर छात्रा ने अंततः अपने घर के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

बाल संरक्षण और जनजाति आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान

नाबालिग छात्रा की खुदकुशी और उसमें बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान के जुड़े होने के कारण यह मामला अब पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में गंभीर चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ‘छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग’ और ‘राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग’ (NCST) ने भी इस पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है। दोनों राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय आयोगों ने कोरिया जिले के कलेक्टर (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को नोटिस जारी कर पूरे मामले की विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट और अब तक की गई पुलिसिया कार्रवाई का जवाब तलब किया है।

फिलहाल, मौके पर तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारी समाज के प्रमुखों और प्रतिनिधियों से लगातार वार्ता कर रहे हैं ताकि उन्हें निष्पक्ष कानूनी जांच का आश्वासन देकर धरने से उठाया जा सके और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here