Naxal Monuments Destroyed : जगदलपुर/गढ़चिरौली (21 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा पर नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। महाराष्ट्र पुलिस के विशेष दस्ते ‘सी-60 कमांडो’, सीआरपीएफ (CRPF) और जिला पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर नक्सलियों द्वारा स्थापित 44 स्मारकों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। ये स्मारक नक्सली अपनी विचारधारा के प्रचार और स्थानीय युवाओं को भ्रमित करने के लिए उपयोग करते थे।
नक्सलियों के मनोवैज्ञानिक तंत्र पर हमला सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, ये स्मारक नक्सलियों के प्रभाव और उनके महिमामंडन के प्रतीक माने जाते थे। नक्सली संगठन इन स्मारकों के जरिए स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी का अहसास कराते थे और युवाओं को संगठन की ओर आकर्षित करने के लिए इनका सहारा लेते थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन प्रतीकों के ध्वस्त होने से नक्सलियों के उस भ्रम जाल पर प्रहार हुआ है, जो वे वर्षों से बुन रहे थे।
पूरी योजना के साथ चला ऑपरेशन यह पूरी कार्रवाई अत्यंत गोपनीय और योजनाबद्ध तरीके से की गई। खुफिया जानकारी के आधार पर चिन्हित किए गए संवेदनशील इलाकों में भारी सुरक्षा घेरे के बीच इन स्मारकों को जमींदोज किया गया। ऑपरेशन के दौरान इलाके में सघन तलाशी अभियान (Search Operation) भी चलाया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। अधिकारियों ने साफ किया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य नक्सलियों के प्रति बने किसी भी किस्म के सम्मान या भय के प्रतीकों को खत्म करना है।
शांति और विकास की ओर बढ़ते कदम गढ़चिरौली और उससे सटे बस्तर के सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियानों को लगातार तेज किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि नक्सलियों के स्मारकों को हटाना स्थानीय समुदाय में सुरक्षा का भाव पैदा करने और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती इलाकों में नक्सलियों के नेटवर्क पर दबाव और बढ़ गया है, जिससे उनके प्रचार तंत्र को भारी नुकसान पहुँचा है।













