National Education Policy : बड़वानी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश के विकास की सबसे मजबूत नींव है, जिसके सफल क्रियान्वयन से भारत को पुनः विश्व गुरु बनाया जा सकता है। यह बात शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने बड़वानी में आयोजित ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं भारतीय ज्ञान परंपरा’ केंद्रित राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि भौतिक और आध्यात्मिक दोनों प्रकार के समानांतर विकास से ही भारत विश्व गुरु बन सकता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश के विकास की नींव : डॉ. अतुल कोठारी
National Education Policy : डॉ. कोठारी ने कहा कि यदि देश को सही मायनों में बदलना है, तो सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शिक्षा का विकास केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने विकसित भारत की परिकल्पना को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह केवल महानगरों तक सीमित नहीं हो सकती। विकास की इस यात्रा में देश के हर जिले, कस्बे और गांव की समान भूमिका होनी चाहिए।
एक उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि साइकिल की चेन की एक कड़ी भी कमजोर होने पर साइकिल आगे नहीं बढ़ सकती, उसी प्रकार यदि देश का एक भी गांव विकास से वंचित रहा, तो देश को विकसित नहीं कहलाया जा सकता। डॉ. कोठारी ने यह भी जोड़ा कि केवल आर्थिक विकास ही पर्याप्त नहीं है; इसके साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, नैतिक मूल्य, महिला सुरक्षा और सामाजिक समरसता जैसे क्षेत्रों में भी प्रगति आवश्यक है।
National Education Policy : उन्होंने बताया कि केरल में ‘ज्ञान सभा’ के माध्यम से यह संकल्प लिया गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रत्येक प्रांत और जिले में ज्ञान सभाओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बड़ी-बड़ी योजनाओं के बजाय, छोटे-छोटे कार्यों और सामूहिक प्रयासों से ही सबसे बड़ा परिवर्तन आता है।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए बड़वानी कलेक्टर जयंती सिंह ने कहा कि बड़वानी एक आदिवासी जिला होने के कारण शिक्षा के क्षेत्र में अन्य जिलों से लगभग 5 से 8% तक पीछे है। उन्होंने बताया कि जिले में शिक्षा की नींव को मजबूत बनाने के लिए शासन द्वारा 711 विद्यालयों में सुधार कार्य किए जा रहे हैं और संसाधनों को बेहतर बनाया जा रहा है।
National Education Policy : कार्यक्रम को खरगोन विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. मोहनलाल कोरी, विद्या भारती के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. रविंद्र कन्हारे और न्यास के क्षेत्रीय संयोजक ओम शर्मा ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन में समाज और शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और एकजुट होकर कार्य करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भूपेंद्र भार्गव और डॉ. चांदनी गोले ने सफलतापूर्वक किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. जय राम बघेल ने किया। इस अवसर पर शोभा पैठनकर, डॉ. राकेश ढांड, डॉ. आर.एम. शुक्ला, डॉ. जफर महमूद, डॉ. वी.के. गुप्ता, डॉ. नीरज सारवान, डॉ. ममता चंद्रशेखर, डॉ. दिनेश दवे, डॉ. प्रियदर्शनी अग्निहोत्री, खेल अधिकारी असाटी सहित जिले के विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों के शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।











