नई दिल्ली। Dhirendra Shastri Controversy: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए एक विवादित बयान पर देश भर में भारी सियासी और धार्मिक बवाल मच गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर तीखा हमला बोलते हुए उनके पूरे देश में कार्यक्रम रद्द करने और वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। वहीं, बिहार के सांसद पप्पू यादव ने भी इस बयान के खिलाफ दिल्ली के पार्लियामेंट थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए शिकायत दी है।
अखिलेश यादव का तीखा हमला, ईशनिंदा का लगाया आरोप
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर कड़ा रुख अपनाते हुए लिखा कि मानवीय भूलों के लिए क्षमा किया जा सकता है, लेकिन ‘ईशनिंदा’ के लिए कभी नहीं।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा:
“ऐसे दुष्मुखी लोगों पर आजीवन प्रतिबंध लगाना ही समाज के लिए श्रेयस्कर है। पूरे देश में इनके सभी कार्यक्रम रद्द किए जाएं, नई अनुमति न दी जाए और सार्वजनिक जीवन में हर सच्चा सनातनी इनका पूर्ण बहिष्कार करे… मनुष्य का दंभ इतना भी नहीं होना चाहिए कि वो अपने को ईश्वर से ऊपर समझने लगे। वैधानिक कार्रवाई हो।”
पप्पू यादव ने दर्ज कराई शिकायत
इधर, बिहार से सांसद पप्पू यादव ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दिल्ली के पार्लियामेंट थाने में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे फरेबी कथावाचकों को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या था पूरा मामला और धीरेंद्र शास्त्री का बयान?
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करते नजर आए थे। वायरल वीडियो में वे यह कहते सुने गए कि उनके भगवान सीधे खड़े होते हैं, जबकि ठाकुर जी तीन जगह से टेढ़े होते हैं। इसके अलावा उन्होंने बांसुरी बजाने और भगवान श्रीराम के धनुष चलाने की तुलना करते हुए कहा था कि बांसुरी बजाना तो खेल है, लेकिन धनुष चलाना कोई खेल नहीं है।
चौतरफा घिरने के बाद दी सफाई
लगातार बढ़ रहे विरोध और मथुरा के संतों समेत विभिन्न राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रिया के बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि कभी-कभी विनोद और भाव में कही गई बातों का अर्थ का अनर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।
शास्त्री ने सफाई देते हुए कहा:
“हम खुद ठाकुर जी के भक्त हैं। हमारे नाम में भी कृष्ण है। ठाकुर जी तो टेढ़े हैं ही, बंसी वाले। जिससे ज्यादा प्रेम होता है, उससे ऐसी बात कही जाती है। इसको ‘ब्याज स्तुति’ कहते हैं।”
उन्होंने यह भी तंज कसा कि आजकल जल्दी फेमस होने के लिए ‘बाबा बागेश्वर का विरोध’ करने का नया ट्रेंड चल पड़ा है, लेकिन वे भगवान के अनन्य भक्त हैं और कभी कृष्ण विरोधी नहीं हो सकते।